रायपुर, एजेंसी। आयकर विभाग की टीमों ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 27 फरवरी 2020 को कई बड़े अधिकारियों, कारोबारियों और नेताओं के कई ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था। न्यूज एजेंसी ANI, PTI व IANS द्वारा उस दिन दी गई सूचना के अनुसार रायपुर में जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी उनमें IAS अनिल टुटेजा (Anil Tuteja), IAS विवेक ढांड (Vivek Dhand), रायपुर के महापौर अजाज ढेबर (Azaz Dhebar), उनके भाई अनवर ढेबर, पूर्व मुख्य सचिव एवं रेरा के चेयरमैन विवेक ढांढ, होटल कारोबारी गुरूचरण सिंह होरा, शराब कारोबारी पप्पू भाटिया, अमोलक सिंह भाटिया, सीए कमलेश जैन, संजय संचेती और आबकारी विभाग के ओएसडी अरुणपति त्रिपाठी शामिल थे।

15 मार्च 2020 को न्यूज एजेंसी पीटीआई की तरफ से इस खबर को अपडेट किया गया है। अपडेटेड न्यूज में बिजनेसमैन बलदेव सिंह भाटिया उर्फ पप्पू भाटिया ने स्पष्ट किया है कि 27 फरवरी को आयकर विभाग ने उनके या उनके किसी भी रिश्तेदार अथवा उनसे जुड़े किसी भी प्रतिष्ठान पर कोई छापेमारी नहीं की है। न्यूज एजेसी के अनुसार उस वक्त रायपुर के पुलिस अधिकारियों से उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि आयकर विभाग जिन लोगों के यहां छापेमारी कर रही है, उनमें पप्पू भाटिया का भी नाम शामिल है। अब पता चला है कि आयकर विभाग का छापा पप्पू भाटिया के यहां नहीं बल्कि अमोलक भाटिया के यहां पड़ा था।

मालूम हो कि आयकर विभाग के करीब 500 से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों ने 27 फरवरी 2020 को रायपुर में पड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। आयकर विभाग की इस कार्रवाई में 200 से अधिक CRPF के जवान भी शामिल थे। उस वक्त न्यूज एजेंसी PTI, ANI व IANS की तरफ से जानकारी दी गई थी कि आयकर विभाग की टीमों ने उन प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की है जिन पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका है। आयकर विभाग ने ऐसे 250 लोगों को चिन्हित किया था।

इससे पहले 12 फरवरी को प्रधान आयकर आयुक्त ने चेतावनी दी थी कि जिन लोगों ने आय से अधिक संपत्तियां जमा कर रखी हैं, वे इन अघोषित संपत्तियों का खुलासा कर दें अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद लक्ष्मी मेडिकल ग्रुप की दुकानों पर एक साथ छापे मारे गए थे। तब से कुल चार प्रतिष्ठानों में आयकर चोरी पकड़े जाने पर 7.75 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। इसके बाद ही आयकर विभाग की टीमों ने 100 से ज्यादा वाहनों में सवार होकर 27 फरवरी को एक साथ कई जगहों पर दबिश दी थी। आयकर विभाग की एक साथ इतने अधिक ठिकानों पर छापेमारी से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था।

 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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