भोपाल, एएनआई। मध्य प्रदेश में भोपाल पुलिस ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए तब्लीगी जमात से जुड़े 64 विदेशी नागरिकों सहित 10 भारतीय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। विदेशी नागरिकों पर वीजा उल्लंघन का आरोप है। भोपाल पुलिस ने बताया कि इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188, 269, 270, द नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 13 द फॉरेनर्स एक्ट की धारा 14 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

दरअसल, गुरुवार को पुलिस ने अलग-अलग थानों में 64 विदेशी जमाती और 10 देशी जमाती के साथ उनकी मदद करने वाले 13 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने शासकीय आदेश और वीजा उल्लंघन करने के साथ धारा 188, 269, 270 आईपीसी धारा 51 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम धारा 13, 14 विदेशियों विषयक अधिनियम 1964 के तहत ऐशबाग, मंगलवारा, श्यामला हिल्स, पिपलानी और तलैया थाने में केस दर्ज किए थे।

विदेश से आए जमातियों पर आरोप है कि यह सभी बिना किसी सूचना के भोपाल में डेरा जमाए थे। बाकी 23 लोगों को अलग से आरोपित बनाया गया है। इन सभी को अभी ईटखेड़ी स्थित मस्जिद में रखा गया है।

तलैया थाना प्रभारी डीपी सिंह के अनुसार, सभी विदेशी नागरिक शहर के विभिन्न इलाकों में घूम रहे थे। चेतावनी देने के बाद भी उनका इलाके में भ्रमण बंद नहीं हो रहा था। यह जमाती कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, आइवरी पोस्ट, बेल्जियम, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा आदि देशों के हैं। जिन अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें से भोपाल के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले 13 लोगों पर इन जमातियों का सहयोग करने और बाकी दस पर विदेशी जमातियों के साथ रहने के बाद भी पुलिस को सूचना न देने का मामला दर्ज किया गया है। इन दस लोगों में दो लोग समस्तीपुर (बिहार) के भी हैं।

निजी काम से अवकाश लेकर दिल्ली के तब्लीगी मरकज गया सहायक प्राध्यापक निलंबित

मेडिकल कॉलेज शहडोल के सहायक प्राध्यापक और एनाटॉमी विभाग के डॉक्टर मोहम्मद मुजाहिद अंसारी को मेडिकल कॉलेज के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉक्टर मिलिंद शिरालकर ने निलंबित कर दिया है। डॉ. अंसारी नई दिल्ली के निजामुद्दीन तब्लीगी मरकज से 11 मार्च को शहडोल पहुंचा था। उसने छह से 11 मार्च तक व्यक्तिगत कार्य के लिए नागपुर जाने का उल्लेख कर आकस्मिक अवकाश लिया था। अभी वह नागपुर में है।

बताया गया है कि अंसारी ने अपने अवकाश आवेदन में दिल्ली के मरकज में शामिल होने का उल्लेख नहीं किया था। साथ ही वह 12 मार्च से 19 मार्च तक यह अपने कार्यस्थल पर भी उपस्थित नहीं हुआ। अंसारी के इस कृत्य को घोर अनुशासनहीनता, लापरवाही तथा दायित्वों की अवहेलना माना गया है। डॉ. शिरालकर ने निलंबन की पुष्टि की है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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