जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में ढीले-ढाले, सुस्त और मोटे पुलिसकर्मियों को अब घर बिठाया जा सकता है। ऐसे पुलिसकर्मियों को तय समय सीमा में अपने शरीर को सही करने की हिदायत दी जाएगी। यदि वे इसमें सुधार नहीं करते हैं तो उन्हे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। इसके साथ ही पुलिस महकमे में कांस्टेबल का दो साल से पहले तबादला नहीं हो सकेगा।

सीएम लेवल पर होगा तबादले पर फैसला 

पुलिस उपाधीक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी किसी भी जिले में अधिकतम चार साल रह सकेंगे। लेकिन यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उसके बारे में जिला पुलिस अधीक्षक और आरपीएस अधिकारी के बारे में पुलिस महानिदेशक एवं गृह विभाग के स्तर पर निर्णय किया जाएगा। आइपीएस अधिकारियों के बारे में शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री के स्तर पर तबादले का निर्णय होगा।

पुलिसकर्मियों को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने का निर्णय

नई पुलिस नीति में प्रदेश के पुलिस तंत्र को अधिक सक्रिय करने के लिहाज से सरकार ने पुलिसकर्मियों को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए पुलिस लाइन में जिम खोलने के साथ ही योगा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को नियमित योग करने और कम से कम तीन किलोमीटर दौड़ प्रतिदिन लगाने की हिदायत दी गई है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने तय किया है कि किसी भी पुलिसकर्मी को गृह जिले में पदस्थापित नहीं किया जाएगा। नई तबादला नीति में इंस्पेक्टर से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के तबादले के लिए ऑन लाइन आवेदन करने का प्रावधान किया गया है।

Posted By: Arun Kumar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस