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अदाणी को डूबने से बचाने के लिए LIC को निवेश के लिए किया जा रहा मजबूर, कांग्रेस का आरोप

जून 2021 के अंत में एलआईसी की अदाणी समूह की सूचीबद्ध कंपनियों में से एक अदाणी इंटरप्राइजेज में 1.32 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 18 महीनों के भीतर दिसंबर 2022 के अंत तक यह हिस्सेदारी बढ़कर 4.23 प्रतिशत तक पहुंच गई थी।

By Jagran NewsEdited By: Amit SinghPublished: Tue, 11 Apr 2023 06:45 PM (IST)Updated: Tue, 11 Apr 2023 06:45 PM (IST)
एलआईसी को निवेश के लिए किया जा रहा मजबूर

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अदाणी समूह का विवाद सामने आने के बाद भी इस कंपनी का शेयर खरीदने के लिए एलआइसी को बाध्य किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अदाणी समूह को संकट से उबारने के लिए पालिसी धारकों की रकम का इस्तेमाल जा रहा है।

विवाद की तत्काल जांच जरूरी

पार्टी के अनुसार इस तथ्य के सामने आने के बाद संयुक्त संसदीय समिति से अदाणी समूह से जुड़े विवाद की जांच तत्काल कराया जाना आवश्यक है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयर की कीमतें तेजी से गिरने के बावाजूद एलआईसी की इसमें हिस्सेदारी बढ़ने को लेकर हुआ खुलासा एक बार फिर अदाणी मेगास्कैम की जांच जेपीसी से कराए जाने की मांग को मजबूत करता है।

एलआईसी ने खरीदी 1.32 प्रतिशत हिस्सेदारी

उन्होंने कहा कि जून 2021 के अंत में एलआईसी की अदाणी समूह की सूचीबद्ध कंपनियों में से एक अदाणी इंटरप्राइजेज में 1.32 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 18 महीनों के भीतर दिसंबर 2022 के अंत तक यह हिस्सेदारी बढ़कर 4.23 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। कांग्रेस महासचिव के अनुसार एलआईसी के निवेश में यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयर का बाजार मूल्य लगभग 60 प्रतिशत गिर गया था। एलआईसी ने जनवरी-मार्च 2023 तिमाही के दौरान अदाणी इंटरप्राइजेज में 3.75 लाख शेयर खरीदे। इससे जेपीसी का गठन और भी आवश्यक और अपरिहार्य हो जाता है।


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