नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। अजवाइन एक झाड़ीनुमा वनस्पति है जो मसाला एवं औषधि के रूप में प्रयुक्त होती है। छोटे पैमाने पर इसकी खेती की जाती है। अजवाइन के बीज को कैरम सीड्स भी कहा जाता है। इसका इस्‍तेमाल पेट से संबंध‍ित रोगों को मिटाने के लिए कि‍या जाता है। इसका चूरन बनाकर खाने से हाजमा ठीक रहता और मेटाबॉलिज्म भी शरीर में बढता है। वहीं एक चम्‍मच अजवाइन को रात में पानी में भिगोकर सुबह वही पानी से पेट की चर्बी कम होती है। अजवाइन सबके घर में आसानी से उपलब्‍ध होती है और यह तुरंत फायदा भी करती है।

अजवाइन को सेक कर चूर्ण बनाकर शरीर की गर्मी कम होने या पसीना आने पर पैर के तलवों और शरीर पर मालिश करने से उष्णता आती है। अजवाइन के 4 रत्ती फूल, 4 रत्ती गिलोय सत्व के साथ मिलाकर चर्म रोगों में ऊंगलियों के काम न करने पर, वायु के दर्द, रक्तचाप और ब्लडप्रेशर में लाभप्रद सिद्ध होता है। अजवाइन के फूल को शहद में मिलाकर ले तो कफ आना रुकता है। अजवाइन का किसी भी रूप में सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। अजवाइन को गुनगुने पानी के साथ साबुत भी चबाया जा सकता है और अजवाइन को पानी में उबालकर भी पिया जा सकता है। आपने शायद अपनी दादी मां को या उनकी उम्र के लोगों को अजवाइन का पानी पीते देखा होगा।

क्‍या है एसिडिटी

एसिडिटी यानी पेट में गैस बनना एक आम समस्‍या है। इसके कारण पेट में दर्द, जलन, गैस बनना, छाती में जलन, खाने के बाद पेट भारी लगना, खाना पचने में समस्‍या, भूख कम लगना, पेट भारी रहना और पेट साफ न होने जैसी समस्‍यायें एसिडिटी के कारण होती हैं। शराब पीने से, मिर्च-मसाला, तली-भुनी चीजें ज्यादा खाने से, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, उड़द की दाल के अलावा कोल्ड ड्रिंक के सेवन से पेट में एसिडिटी की समस्‍या अधिक होती है।

बार-बार अपानवायु उत्सर्जित होना, पेट से बदबूदार गैस निकलना, डकारें आना, पेट में गुड़गुड़ाहट होना जैसी समस्‍यायें इसके मुख्य लक्षण हैं। जिनकी पाचन शक्ति अक्सर खराब रहती है और जो प्राय: कब्ज के शिकार रहते हैं, उन लोगों को गैस की समस्या हो जाती है। गैस की समस्या से रक्त संचार व आंतों की गतिविधि पर भी बुरा असर पड़ता है। इसके कारण ब्लडप्रेशर या आंतों की बीमारियां भी शुरू हो जाती हैं।

अजवाइन है फायदेमंद

एसिडिटी की समस्‍या से बचाव के लिए अजवाइन का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। अजवाइन को कैरम सीड भी बोला जाता है, इसमें थिम्‍बोल नामक केमिकल होता है जो पाचन क्रिया को सुचारु करता है जिससे एसिडिटी की समस्‍या नहीं होती है। इसके अलावा यह केमिकल गैस बनने की समस्‍या से भी छुटकारा दिलाता है। यानी आपको कभी भी गैस बनने की शिकायत नहीं होगी। आज हम आपको बता रहे हैं कि अजवाइन का पानी हमें किन बीमारियों से निजात दिलाता है।

कैसे करें प्रयोग

1. बिगड़े लाइफस्टाइल के चलते आजकल हर दूसरा आदमी मुधमेह यानि कि डायबिटीज की बीमारी से घिरा हुआ है। अजवाइन या अजवाइन का पानी डायबिटीज जैसी घातक बीमारी को जड़ से खत्‍म करने में कारगार है।

2. अजवाइन का पानी नियमित रूप से पीने से दिल की बीमारियों से निजात पाई जा सकती है।

3. अजवाइन में पाया जाने वाला थाइमोल पेट से गैस्ट्रिक रिहाई जूस बाहर निकालता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। यह अपच, पेट फूलना व मतली आदि को भी दूर करता है।

4. अजवाइन हजम शक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसका इस्तेमाल बदहजमी, शिशुओं के पेट में दर्द आदि के इलाज में उपयोग किया जाता है।

5. अजवाइन न केवल पाचन को बेहतर बनाती है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाती है। इसके पानी को रोज सुबह पीने से मोटापे की समस्या से निजात मिलती है और पेट सुचारू ढ़ंग से काम करता है।

6. अजवाइन को उबालने पर या फिर इसके पानी को पीते समय नाक के माध्यम से जाने वाली भाप से सिर दर्द ठीक होता है और कंजेशन की समस्या से भी राहत मिलती है।

7. जैसा कि हम जानते हैं कि अजवाइन का पानी पाचन को सुधारता है, साथ ही इसकी भाप से मतली की समस्या से भी राहत मिलती है। इसका पानी पीने से उल्टी आने की समस्या भी दूर होती है।

8. अजवाइन को इसके दांत दर्द से राहत दिलाने व ओरल हैल्थ को बहाल करने के लिये भी जाना जाता है। दांत में दर्द के लिये आयुर्वेदिक डॉक्टर अजवाइन के पानी से गरारे करने की सलाह भी देते हैं। 

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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