यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dog Bite Case: पिछले साल साढ़े 30 लाख से अधिक लोगों को कुत्ते ने काटा, 2023 में 286 लोगों की हुई मौत
सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि 2023 तक कुत्तों के काटने (Dog Bite) के करीब 30.5 लाख मामले ...और पढ़ें

HighLights
- 2023 में कुत्तों के काटने के करीब 30.5 लाख मामले
- 2023 में कुत्ते के काटने के 30,43,339 मामले आए
- इस दौरान कुत्ते के काटने से 286 लोगों की मौत
पीटीआई, नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि पिछले साल कुत्तों के काटने के करीब 30.5 लाख मामले सामने आए। इनमें से 286 लोगों की मौत हो गई। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आइडीएसपी) में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 2023 में कुत्ते के काटने के 30,43,339 मामले आए।
इस दौरान कुत्ते के काटने से 286 लोगों की मौत हो गई। पिछले साल कुत्ते के काटने के मामलों में 46,54,398 रेबीज टीके लगाए गए। स्वास्थ्य मंत्रालय देश में रेबीज की रोकथाम और नियंत्रण के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप को छोड़कर सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम क्रियान्वित कर रहा है।
'कुत्तों के प्रबंधन के लिए विभिन्न परामर्श जारी'
ललन सिंह ने कहा, कई स्थानीय निकाय पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम और रेबीज टीकाकरण लागू कर रहे हैं। इसके लिए केंद्र सरकार ने पशु जन्म नियंत्रण नियम, तैयार किए हैं। भारतीय पशु कल्याण बोर्ड ने म किए हैं। केंद्र सरकार पशु रोगों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार को सहायता के तहत धनराशि भी उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकारें रेबीज टीकाकरण के लिए भी धनराशि का उपयोग कर सकती हैं।
