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लालू प्रसाद यादव

लालू प्रसाद यादव बिहार के जाने-माने राजनेता हैं। वर्तमान में वह राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष हैं। साल 1990 से 1997 तक वह बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। उनका जन्म 11 जून 1948 में बिहार के गोपालगंज जिले में एक गरीब यादव परिवार में हुआ था।

By Sonu GuptaEdited By: Sonu GuptaPublished: Mon, 06 Mar 2023 07:07 PM (IST)Updated: Mon, 06 Mar 2023 07:07 PM (IST)
लालू प्रसाद यादव बिहार के जाने-माने राजनेता हैं।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। लालू प्रसाद यादव बिहार के जाने-माने राजनेता हैं। वर्तमान में वह राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष हैं। साल 1990 से 1997 तक वह बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। पटना विश्वविद्यालय के बीएन कॉलेज से उन्होंने बीए किया, जिसके बाद उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी के पटना लॉ कॉलेज से L.L.B. की डिग्री ली। एलएलबी करने के बाद उन्होंने बिहार पशु चिकित्सा कॉलेज, पटना में क्लर्क के रूप में काम किया।

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लालू और उनकी पत्नी राबड़ी देवी के 9 बच्चे हैं, जिसमें दो बेटे और 7 बेटियां हैं। 23 सितंबर 1990 को लालू यादव ने समस्तीपुर में लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार कर  अपने को एक धर्मनिरपेक्ष नेता के रूप में पेश किया।

लालू यादव की जीवनी

लालू प्रसाद यादव बिहार के एक सक्रिया राजनेता हैं। वह वर्तामान में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष हैं। उनका जन्म 11 जून 1948 में बिहार के गोपालगंज जिले में एक गरीब यादव परिवार में हुआ था। एक छात्र नेता के तौर पर लालू यादव ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जयप्रकाश आंदोलन से की थी।

साल 1977 में 29 साल की उम्र में वह जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा सांसद बने। इस दौरान वह लोकसभा में सबसे कम उम्र के सदस्य भी थे। साल 2013 में सीबीआई ने चारा घोटाले मामले में उन्हें पांच साल की सजा और 25 लाख रुपये जुर्माने की सुनाई गई। हालांकि बाद में उन्हें चारा घोटाले के कई मामलों में सजा सुनाई गई।

 दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े चारा घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दे दिया। इस मामले में लालू यादव को 14 साल की कैद और कुल 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

शैक्षणिक योग्यता और शुरुआती राजनीतिक जीवन

लालू प्रसाद यादव ने पटना विश्वविद्यालय के बीएन कॉलेज से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की है। उन्होंने अपने राजनीति की शुरुआत पटना के बीएन कॉलेज से ही की थी। इस दौरान वह साल 1970 में पटना विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के महासचिव चुने गए।

छात्र आंदोलन के दौरान लालू की सियासत में दिलचस्पी और बढ़ती गई। राजनीतिक माहौल को भांपते हुए उन्होंने राम मनोहर लोहिया और आपातकाल के नायक जय प्रकाश नारायण के समर्थक बन गए। इस दौरान उन्होंने पिछड़ी जातियों में अपनी छवि बनानी शुरू कर दी। इसका नतीजा यह हुआ की वह सिर्फ 29 साल की उम्र में साल 1977 में पहली बार संसद पहुंच गए।

लालू प्रसाद यादव के जीवन की प्रमुख घटनाएं

2022

डोरंडा कोषागार मामले में लालू यादव दोषी करार, भेजे गए जेल।

2020

लालू को चाईबासा कोषागार मामले में जमानत मिली।

2018

  • सीबीआइ की विशेष अदालत ने साढ़े तीन साल की सुनाई सजा।
  • सीबीआइ कोर्ट से चारा कांड संख्या आरसी 68ए/96 मे दोषी पाकर पांच साल कैद की सजा सुनाई
  • सीबीआइ कोर्ट ने चारा कांड संख्या आरसी 38ए/96 में दोषी ठहराया।
  • दुमका ट्रेजरी मामले में लालू प्रसाद को दो अलग-अलग धाराओं में सात-सात साल की सजा। लेकिन दोनों सजाएं अलग-अलग चलेगी। अर्थात 14 साल की सजा हुई।
  • लालू को तीनों मामलों में औपबंधिक जमानत
  • लालू ने किया सरेंडर

2017

  • सीबीआइ की विशेष अदालत ने लालू और 15 अन्य को दोषी करार दिया।
  • प्रवर्तन निदेशालय ने लालू परिवार पर एबी एक्सपोर्ट्स में आय से अधिक संपत्ति और कर चोरी के मामले में मामला दर्ज किया।
  • लालू प्रसाद यादव और उनके बेटों तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के खिलाफ पटना चिड़ियाघर का मिट्टी घोटाला सामने आया है।

2015

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजद ने 81 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। जदयू के साथ राजद ने बिहार में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई और इस दौरान नीतीश कुमार ही प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। हलांकि जुलाई 2017 में राजद और जदयू का गठबंधन टूट गया और भाजपा ने जदयू के साथ गठबंध कर नई सरकार बनाई ।

2014

साल 2014 के आम चुनाव में लालू प्रसाद यादव ने चुनाव नहीं लड़ा। हालांकि उन्होंने इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी राजद के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किए। हालांकि उनकी पार्टी को इस आम चुनाव में सिर्फ दो सीटों पर ही संतुष्ट करना पड़ा था।

2013

चारा घोटाले मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित

2009

लालू प्रसाद यादव ने सारण और पाटलिपुत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। हालांकि इस चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा। जनता दल यूनाइटेड के नेता रंजन प्रसाद यादव ने लालू यादव को करीब 23 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। हालांकि उन्होंने सारण से लोकसभा का चुनाव में जीत दर्ज की थी। इस दौरान उन्होंने राजीव प्रताप रूडी को हराया था। 31 अगस्त 2009 को उन्हें कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय, लोकसभा की समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था।

2004

  •  14 वीं लोकसभा के लिए चुने गए। उन्होंने इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार राजीव प्रताप रूडी को हराया था।
  •  लालू यादव कंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल हुए और इस दौरान उनको रेल मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने 23 मई 2004 से 22 मई 2009 तक इस पद पर बने रहे। रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने कई अच्छे ऐसे काम किए, जिनके लिए उनको याद किया जाता है, जिसमें गरीब रथ ट्रेन चलाना और स्टेशनों पर कल्हड़ में चाय दिए जाने का निर्णय शामिल है।

2002

लालू यादव राज्यसभा सदस्य चुने गए और वह वहां साल 2004 तक रहे। अपने राज्यसभा कार्यकाल के दौरान उन्होंने सामान्य प्रयोजन समिति के सदस्य, सलाहकार समिति के सदस्य, ग्रामीण विकास मंत्रालय के कार्य सलाहकार समिति और गृह मामलों की समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया।

2000

बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

1999

शरद यादव के खिलाफ लालू यादव साल 1999 का लोकसभा चुनाव हार गए।

1998

मधेपुरा से सीट से 12 वीं लोकसभा के लिए से चुने गए।

1997

  •  लालू यादव ने पांच जुलाई 1997 को अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल बनाई। साल 2008 के दौरान उनकी पार्टी राजद को राष्ट्रीय स्तर की पार्टी का दर्जा प्राप्त हुआ।
  •  चारा घोटाले के कई मामले में आरोप लगे और वह जनता दल से अलग हो गए।

1996

लालू यादव जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। वह जनवरी 1996 से जुलाई 1997 तक इस पद पर काबिज रहे।

1995

राघोपुर और दीनापुर सीटों से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर बिहार विधानसभा पहुंचे।

1990

बिहार के मुख्यमंत्री बने। वह साल 1990 से लेकर 1995 तक बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे। उन्होंने मार्च 1990 से जुलाई 1997 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।

1989

जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और 9वीं लोकसभा के लिए चुने गए।

1989

बिहार विधानसभा के विपक्ष के नेता के रूप में चुने गए।

1985

सोनपुर सीट से चुनाव जीते। इस दौरान लालू का वोट शेयर बढ़कर 45.56% हो गया।

1980

सोनपुर सीट से बिहार विधानसभा में विधायक चुने गए।

1977

29 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के सांसद के रूप में छपरा निर्वाचन क्षेत्र से 6वीं लोकसभा के लिए चुने गए। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के राम शेखर प्रसाद सिंह को हराया।

1974

जय प्रकाश नारायण के बिहार आंदोलन में शामिल हो हुए। इसके बाद वह जनता पार्टी में शामिल हो गए।

1973

वे पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ (PUSU) के अध्यक्ष बने।

1970

लालू यादव ने पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ (PUSU) के महासचिव के रूप में राजनीति में प्रवेश किया।

चारा घोटाला और लालू यादव से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां

11 मार्च 1996- पटना हाई कोर्ट ने चारा घोटाले की जांच सीबीआइ से कराने का आदेश दिया

19 मार्च 1996- सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से सीबीआइ जांच की मान‍िटर‍िंंग करने को कहा।

06 जनवरी 1997- सीबीआइ ने उस समय के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से पहली बार साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की।

10 मई 1997- सीबीआइ ने सरकार से लालू समेत अन्य के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी मांगी

17 जून 1997- अभियोजन चलाने की मंजूरी मिली

23 जून 1997- आरसी 20 ए में लालू समेत 56 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

24 जुलाई 1997- पटना हाई कोर्ट ने लालू की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज किया

25 जुलाई-1997- विशेष न्यायाधीश एसके लाल की अदालत से वारंट जारी, लालू का सीएम पद से इस्तीफा

30 जुलाई 1997- लालू का सरेंडर, भेजे गए जेल

30 अगस्त 1997- सीबीआइ ने लालू के खिलाफ 64 ए में आरोप पत्र दाखिल करने की अनुमति मांगी

29 अक्टूबर 1997- 90 दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं होने के कारण आरसी 38 और 47 में जमानत

11 दिसंबर 1997- 134 दिन जेल में रहने के बाद रिहा हुए लालू

12 मई 1998- तत्कालीन राज्यपाल एसएस भंडारी ने 64 ए में लालू के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी

19 अगस्त 1998- आय से अधिक संपत्ति मामले पांच में प्राथमिकी दर्ज

21 अगस्त 1998- लालू के विभिन्न ठिकानों पर सीबीआइ का छापा

21 अक्टूबर 1998- डीए केस में पूछताछ

28 अक्टूबर 1998- लालू का सरेंडर, भेजे गए जेल

 8 जनवरी 1999- 73 दिन जेल में रहने के बाद रिहा

20-27 मई 1999- तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से पूछताछ

08 मार्च 2000- तत्कालीन राज्यपाल विनोद चंद्र पांडेय ने पांच ए में मुकदमा चलाने की अनुमति दी

04 अप्रैल 2000- डीए केस में लालू राबड़ी पर आरोप पत्र दाखिल, गिरफ्तारी वारंट जारी 26 नवंबर तक रांची के कोर्ट में सरेंडर करने का दिया निर्देश

26 नवंबर 2001- लालू का रांची न्यायालय में सरेंडर कैंप जेल में रहे

23 जनवरी 2002- 59 दिनों के बाद विशेष न्यायालय से जमानत, रिहा

18 सितंबर 2006- लालू और राबड़ी डीए केस में आरोप मुक्त

01 मार्च 2012- लालू समेत 31 के खिलाफ 63 ए में आरोप पत्र दाखिल

13 अगस्त 2013- आरसी 20 ए की सुनवाई कर रहे जज को बदलने की मांग सुप्रीम कोर्ट में खारिज

17 सितंबर-2013- सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी

30 सितंबर 2013- लालू समेत 45 दोषी करार

03 अक्टूबर 2013- वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सजा की अवधि पर फैसला

दिसंबर, 2013- सुप्रीम कोर्ट ने लालू को जमानत दी।

मई, 2017 - सुप्रीम कोर्ट के आठ मई के आदेश के बाद सुनवाई दोबारा शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत से देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में उनके खिलाफ अलग से मुकदमा चलाने को कहा।

23 दिसंबर, 2017 - सीबीआइ की विशेष अदालत ने लालू और 15 अन्य को दोषी करार दिया।

06 जनवरी, 2018 - सीबीआइ की विशेष अदालत ने साढ़े तीन साल की सुनाई सजा।

24 जनवरी 2018 - सीबीआइ कोर्ट से चारा कांड संख्या आरसी 68ए/96 मे दोषी पाकर पांच साल कैद की सजा सुनाई

19 मार्च 2018 - सीबीआइ कोर्ट ने चारा कांड संख्या आरसी 38ए/96 में दोषी ठहराया।

24 मार्च 2018 - दुमका ट्रेजरी मामले में लालू प्रसाद को दो अलग-अलग धाराओं में सात-सात साल की सजा। लेकिन दोनों सजाएं अलग-अलग चलेगी। अर्थात 14 साल की सजा हुई।

11 मई 2018 - लालू को तीनों मामलों में औपबंधिक जमानत

30 अगस्त 2018 - लालू ने किया सरेंडर

09 अक्टूबर 2020 - लालू को चाईबासा कोषागार मामले में जमानत मिली।

17 अप्रैल 2021 - मिली जमानत, तीन साल चार महीने बाद राहत की सास ली।

30 अप्रैल 2021 - अधिवक्ताओं के कार्य नहीं करने से जेल से निकलने में लगा समय।

15 फरवरी 2022 - डोरंडा कोषागार मामले में लालू दोषी करार, भेजे गए जेल।

विवादित नेता की छवि

लालू यादव कॉलेज के ही दिनों से अपनी बात को लेकर सुर्खियों में बने रहते थे। अपनी बात कहने का लालू यादव का खास अंदाज है, यही अंदाज लालू यादव को बाकी राजनेताओं से अलग करता है।

बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों की तरह बनाने का वादा हो या रेलवे मे कुल्हड़ की शुरुवात, लालू यादव हमेशा से ही सुर्खियों मे रहे। लालू यादव समय-समय पर अपने विपक्षी पार्टियों पर जोरदार हमले करते रहे। वैसे भी लालू हमेशा नये नये विवादों में घिरते रहते है।

प्रमुख विवादित बयान

साक्षी महराज को कहा- ये संत नहीं, “आवारा” आदमी है

बीजेपी सांसद साक्षी महाराज के विवादित बयान पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि साक्षी महाराज को तो गुंडा ऐक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज देना चाहिए।

भाजपा नेता गिरिराज सिंह को बताया था मेंटल केस

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा अल्पसंख्यकों पर दिए बयान के बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि गिरिराज तो मेंटल केस है। खाली बात बनाना जानता है। वह एकदम फालतू आदमी है।

विनय कटियार को टिकुली सिंदूर से रंग देना चाहिए

लालू ने विनय कटियार के लिए कहा था कि “महिला आयोग को विनय कटियार को नोटिस भेजना चाहिए और विनय कटियार को टिकुली और सिन्दूर से रंग देना चाहिए।” लालू यादव ने कहा कि “जो महिलाओं का सम्मान नहीं करते, उन पर मुकदमा चलना चाहिए।”

लालू ने अनिल विज को कहा था भारत का 'नालायक' बेटा

विज ने अंबाला में एक सार्वजनिक सभा में कहा कि महात्मा गांधी के नाम से खादी उत्पादों की बिक्री घट गई। जिस दिन महात्मा गांधी की तस्वीर रुपये पर छपी, उसकी कीमत घटनी शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि कैंलेंडर और डायरी पर गांधी की जगह पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने का फैसला बिल्कुल सही है।

इस पर लालू ने कहा कि ये (विज) भारत के नालायक बेटे हैं, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपमानित कर रहे हैं। लालू ने कहा, मंत्री बने ऐसे लोगों को इस तरह का व्यवहार करते हुए थोड़ी भी शर्म नहीं आती है।

नोटबंदी की तुलना 'नसबंदी' से की

लालू प्रसाद यादव ने पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले पर विवादित बयान देते हुए नोटबंदी की तुलना नसबंदी से की थी। उन्होंने कहा था कि इसका भी वही हाल होगा जो कांग्रेस के समय में 1970 के दशक में नसबंदी की हुई थी।


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