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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Land for jobs scam: अमित कत्याल ने लालू यादव के लिए ऐसे कराया 'खेल', ED के दावे से उड़ जाएगी RJD सुप्रीमो की नींद

By Shalini KumariEdited By: Shalini Kumari
Published: Tue, 14 Nov 2023 04:21 PM (IST)

ईडी ने आरोप लगाया है कि अमित कत्याल जिन्हें हाल ही में कथित तौर पर रेलवे नौकरियों के लिए जमीन ...और पढ़ें

लालू प्रसाद यादव का करीबी नौकरी के बदले जमीन मामले में गिरफ्तार
लालू प्रसाद यादव का करीबी नौकरी के बदले जमीन मामले में गिरफ्तार

HighLights

  1. अमित कात्याल ने राजद प्रमुख और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव
  2. रेलवे नौकरी के बदले जमीन अधिग्रहण करने के मामले में कत्याल गिरफ्तार

पीटीआई, नई दिल्ली। हाल ही में रेलवे नौकरियों के लिए जमीन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार हुए अमित कत्याल पर ईडी ने एक बड़ा आरोप लगाया है। दरअसल, जांच एजेंसी का कहना है कि अमित कत्याल ने राजद प्रमुख और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की ओर से उम्मीदवारों से कई जमीनें अधिग्रहण की हैं।

16 नवंबर तक एजेंसी की हिरासत में कत्याल

कत्याल को पहले हिरासत में लिया गया और बाद में केंद्रीय एजेंसी ने 11 नवंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया। बाद में दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने उन्हें 16 नवंबर तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया कि उसकी जांच में पाया गया कि कत्याल एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के निदेशक थे, जब उक्त कंपनी ने लालू प्रसाद की ओर से उम्मीदवारों की एक जमीन का अधिग्रहण किया था।

लालू प्रसाद के पते पर रजिस्टर्ड कंपनी

कंपनी का पंजीकृत पता डी-1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, नई दिल्ली है, जो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों का घर है। एजेंसी ने सोमवार को जारी एक बयान में आरोप लगाया, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब उन्होंने उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया।

इसमें कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण के बाद, उक्त कंपनी के शेयर 2014 में लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों को ट्रांसफर कर दिए गए थे। कात्याल के परिसरों पर एजेंसी ने मार्च में छापा मारा था। इस दौरान लालू प्रसाद के परिसरों के साथ  उनके बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, उनकी बेटियां और अन्य के परिसरों को भी कवर किया था।।

दो महीने से समन को किया नजरअंदाज

ईडी के मुताबिक, कत्याल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो के करीबी सहयोगी हैं और लगभग पिछले दो महीने से पूछताछ के लिए जारी हुए समन से बच रहे थे। ईडी ने पहले दावा किया था कि ए.के इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड इस मामले में कथित तौर पर एक लाभार्थी कंपनी है और दक्षिणी दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में इसके पंजीकृत पता पर तेजस्वी यादव रह रहे थे।

नियुक्ति के बदले दी जमीन

घोटाला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि 2004 से 2009 तक, भारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में समूह डी पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था और बदले में, इन लोगों ने अपनी जमीन तत्कालीन रेल मंत्री प्रसाद के परिवार के सदस्यों और ए.के इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर कर दी थी।

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कई जोनल रेलवे में हुई नियुक्ति

पीएमएलए की आपराधिक धाराओं के तहत दर्ज किया गया, ईडी मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई एक शिकायत से उपजा है। सीबीआई के मुताबिक, नियुक्ति के लिए कोई विज्ञापन या सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई थी, लेकिन पटना के कुछ निवासियों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में विभिन्न जोनल रेलवे में स्थानापन्न के रूप में नियुक्त किया गया था।

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