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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

National Park और Wildlife Sanctuary में जानें क्या होता है अंतर

By Shashank MishraEdited By: Shashank Mishra
Published: Tue, 07 Feb 2023 07:54 PM (IST)

आपने नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आप भी इन दोनों के बीच ...और पढ़ें

भारत में वर्तमान में 567 वाइल्ड लाइफ सेंचुरी हैं जबकि कुल 106 नेशनल पार्क।
भारत में वर्तमान में 567 वाइल्ड लाइफ सेंचुरी हैं जबकि कुल 106 नेशनल पार्क।

नई दिल्ली, जेएनएन। नेशनल पार्क (National Park) और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी (Wildlife Sanctuary) दोनों ही वन्यजीवों के लिए होते है। लेकिन, समय के साथ होते विकास के बीच वन्यजीवों के जीवन पर खतरा आ गया है। वजह है, बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई कर जंगली इलाके का कम करना। ऐसे में एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए वन्यजीवों को बचाना बहुत जरूरी है।

साथ ही वन्यजीवों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर माहौल बनाना भी जरूरी है। लेकिन, क्या आप भी इन दोनों के बीच अंतर को लेकर दुविधा में पड़ जाते हैं। यदि हां, तो आइए आप को इन दोनों के बीच अंतर को बताते हैं। साथ ही आपको यह भी पता चलेगा कि इन दोनों का उद्देश्य क्या है।

वाइल्ड लाइफ सेंचुरी

वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में जंगली इलाका होता है, जहां वन्यजीवों को उनके अनुकूल माहौल देने के साथ सुरक्षा भी प्रदान की जाती है, जिससे वन्यजीव एक बेहतर प्राकृतिक माहौल में जीवन जी सके। यहां इस बात का ध्यान रखा जाता है कि उन्हें लोगों द्वारा की जाने वाली कोई भी गतिविधि से परेशानी न हो। उनकी सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से वन रक्षकों को भी तैनात किया जाता है, जिससे कोई भी व्यक्ति वन्यजीवों का शिकार न कर सके।

यहां कुछ शर्तों के साथ व्यक्ति को प्रवेश दिया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को संरक्षित क्षेत्र की चौथी श्रेणी में रखा है। भारत में वर्तमान में 567 वाइल्ड लाइफ सेंचुरी हैं।

राष्ट्रीय पार्क

राष्ट्रीय पार्क में भी वन्यजीवों को रखा जाता है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों के साथ-साथ जैव विविधता का भी संरक्षण होता है। इसके साथ ही राष्ट्रीय पार्क में पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखना होता है। इसमें उस क्षेत्र के जीव-जंतु, वनस्पति और भूमि भी शामिल होते है।

यहां पर आसानी से लोगों का प्रवेश नहीं होता है, बल्कि एक सीमित संख्या में लोगों को कुछ शर्तों के साथ प्रवेश दिया जाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने नेशनल पार्क को संरक्षित क्षेत्रों की दूसरी सूची में रखा है। भारत में वर्तमान में कुल 106 नेशनल पार्क हैं।

नेशनल पार्क और वाइल्डलाइफ सेंचुरी में प्रमुख अंतर

  • वाइल्ड लाइफ सेंचुरी सरकार या निजी एजेंसी के स्वामित्व वाला एक प्राकृतिक आवास होता है, जो पक्षियों और जानवरों की विशेष प्रजातियों की सुरक्षा करता है। वहीं, नेशनल पार्क संरक्षित क्षेत्र है, जो सरकार द्वारा वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए स्थापित किया जाता है।
  • वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में जानवरों, पक्षियों, कीड़ों, सरीसृपों आदि को संरक्षित किया जाता है, जबकि नेशनल पार्क में वनस्पतियों, जीवों और ऐतिहासिक वस्तुओं आदि को भी संरक्षित किया जाता हैं।
  • वाइल्डलाइफ का उद्देश्य वन्यजीवों और उनके आवासों की आबादी को व्यवस्थित कर सुनिश्चित करना होता है, जबकि नेशनल पार्क में क्षेत्र की प्राकृतिक और ऐतिहासिक वस्तुओं और वन्य जीवन की रक्षा करना होता है।
  • वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में प्रतिबंध कम होते हैं और लोग जा सकते हैं, लेकिन नेशनल पार्क में आप आसानी से नहीं जा सकते। क्योंकि, आपको इसके लिए पहले संबंधित ऑथिरिटी से अनुमित लेनी होती हैं।

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