जानें- किसी बीमारी को कैसे किया जाता है महामारी घोषित, इसका क्या होता है प्रभाव
राजस्थान ने ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इसको महामारी घोषित किया है। आपको बता दें कि महामारी घोषित करने से पहले कई सारी चीजें देखी जाती हैं। ऐसा करने से महामारी की रोकथाम में तेजी आती है।

नई दिल्ली (ऑनलाइन डेस्क)। ब्लैक फंगस मतलब म्युकरमाइकोसिस को लेकर देश की चिंता बढ़ती जा रही है। इसके बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान ने सबसे पहले इसको महामारी घोषित किया है। यहां पर अब तक इसके 700 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में भी इसके मामले सामने आ चुके हैं। देश में इससे अब तक कई मौतें भी हो चुकी हैं। राज्य सरकारें इसको लेकर अलर्ट मोड पर हैं।
ब्लैक फंगस के बढ़ते मामले
वर्तमान में राजस्थान में ब्लैक फंगस के सौ से अधिक मामले हैं। इसको देखते हुए अस्पतालों में अलग से वार्ड बनाए गए हैं। सरकार ने इस बीमारी को महामारी घोषित करते हुए इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इस बीमारी को राजस्थान महामारी एक्ट 2020 के तहत ऐसा किया गया है। ब्लैक फंगस के साथ अब व्हाइट फंगस के भी मामले सामने आने लगे हैं। इसको जानकार ब्लैक फंगस से भी अधिक गंभीर बता रहे हैं। ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने के पीछे कुछ बड़े कारण होते हैं। किसी बीमारी को महामारी घोषित करने का सबसे बड़ा फायदा इसकी रोकथाम में होता है।
किसी बीमारी को कैसे किया जाता है महामारी घोषित
जब भी कोई बीमारी किसी एक इलाके से निकलकर राज्य या देश की बड़ी संख्या को प्रभावित करती है या इसकी आशंका दिखाई देती है तो ही उसको महामारी घोषित किया जाता है। इसका अधिकार राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्र को भी है कि वो ऐसा कर सकें। यदि कोई बीमारी राष्ट्रीय स्तर पर असर दिखाती है या ऐसा करती हुई प्रतीत होती है तो केंद्र सरकार की तरफ से उसको महामारी घोषित किया जाता है। यदि कोई बीमारी किसी एक देश से निकलकर अन्य देशों में फैलती है तो इसको वैश्विक महामारी घोषित किया जाता है। किसी बीमारी को महामारी घोषित करने से पहले इसके संक्रमण की रफ्तार और इससे होने वाली मौतें काफी अहमियत रखती है।
महामारी घोषित करने से पहले खास होती हैं ये बातें
महामारी को घोषित करने से पहले ये भी बात ध्यान रखनी होती है कि राज्य इससे निपटने के लिए कितना तैयार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि महामारी घोषित करने की वजह से लोगों में डर व्याप्त हो जाता है। इस वजह से लोगों के पलायन का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। जिसे संक्रमण की रफ्तार काफी बढ़ जाती है। महामारी घोषित करने के बाद राज्य और देश पूरी तरह से अलर्ट पर आ जाता है और इसकी रोकथाम की कोशिशों में तेजी आती है। इससे लड़ने के लिए संसाधनों को जुटाया जाता है और सभी तरह की मदद जुटाई जाती है। महामारी घोषित करने के बाद बीमारी की रोकथाम और उसके प्रकार को जानने के लिए रिसर्च की जाती है। इसको लेकर लोगों को जागरुक किया जाता है। इसकी रोकथाम के सभी एहतियाती कदम उठाए जाते हैं।
मार्च में कोरोना को किया था वैश्विक महामारी घोषित
आपको याद होगा कि कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने से पहले फरवरी 2020 में डब्ल्यूएचओ की तरफ से कहा गया था कि इसका संक्रमण तेजी से फैल रहा है लेकिन अभी इसको महामारी घोषित नहीं किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अन्य देशों में इसके फैलने के प्रमाण सामने नहीं आए हैं। लेकिन मार्च 2020 में जब कोरोना दुनिया के सौ से अधिक देशों में फैला तो ही इसको महामारी घोषित किया गया था।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।