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    जानिए, कौन है 'आयरन लेडी' इरोम चानू शर्मिला?

    By Manish NegiEdited By:
    Updated: Tue, 09 Aug 2016 02:08 PM (IST)

    मणिपुर में पिछले 16 साल से भूख हड़ताल पर बैठी इरोम शर्मिला ने आज अपना अनशन खत्म कर दिया है।

    नई दिल्ली, (वेब डेस्क)। मणिपुर में सशस्त्र बल विशेष अधिनियम (अफस्पा) के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठी मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने अपना उपवास तोड़ दिया है। इरोम शर्मिला नवंबर 2000 से (सशस्त्र बल विशेष अधिनियम) के खिलाफ भूख हड़ताल पर थीं। अनशन के दौरान उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया और जबर्दस्ती नैजल टयूब के जरिए खाना भी खिलाया गया। लेकिन उन्होंने अपनी जिद नहीं छोड़ी थी।

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    कैन हैं इरोम शर्मिला?

    - 'आयरन लेडी' के नाम से मशहूर इरोम का जन्म 14 मार्च 1972 में हुआ था।

    - इरोम मणिपुर से सशस्त्र बल विशेष अधिनियम 1958, जिसे सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को हटाए जाने की मांग पर 2 नवंबर 2000 से आज तक वो भूख हड़ताल पर हैं।

    - इस भूख हड़ताल के तीसरे दिन सरकार ने इरोम शर्मिला को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने जब भूख हड़ताल की शुरुआत की थी, वे 28 साल की युवा थीं।

    - कुछ लोगों को लगा था कि यह कदम एक युवा ने भावुकता में उठाया है, लेकिन समय के साथ इरोम शर्मिला के इस संघर्ष की सच्चाई लोगों के सामने आती गई। आज वह 44 साल की हो चुकी हैं।

    - इरोम आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पॉवर्स एक्ट 'अफस्पा' AFSPA हटाए जाने की मांग को लेकर 2 नवंबर 2000 से आज तक अनशन पर हैं।

    - इरोम शर्मिला के अनशन शुरू करने से 10 दिन पहले ही कथित रूप से असम राइफल्स के सैनिकों ने 10 लोगों को गोलियों से मार डाला था, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे।

    - इरोम को कई साल से नाक में डली ट्यूब के ज़रिये जबरन खिलाया जा रहा है।

    - उनके नाम पर अबतक दो रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं। पहला सबसे लंबी भूख हड़ताल करने और दूसरा सबसे ज्यादा बार जेल से रिहा होने का रिकॉर्ड दर्ज है।

    - 2014 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उन्हें एमएसएन ने वूमन आइकन ऑफ इंडिया का खिताब दिया था।

    - इरोम शर्मिला ने 1000 शब्दों में एक लंबी ‘बर्थ’ शीर्षक से एक कविता लिखी थी।

    - यह कविता ‘आइरन इरोम टू जर्नी- व्हेयर द एबनार्मल इज नार्मल’ नामक एक किताब में छपी थी। इस कविता में उन्होंने अपने लंबे संघर्ष के बारे में बताया है।

    - साल 2014 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन करने के लिए उन पर साल 2013 में सुसाइड की कोशिश को लेकर ट्रायल चला था।

    - बाद में कोर्ट ने उन्हें इस आरोप से बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इस बात के सबूत नहीं है कि उनका यह प्रदर्शन एक सुसाइड एक्ट है।

    अनशन के 16 साल : इरोम शर्मिला आज खत्म करेंगी भूख हड़ताल