'ठीक से दिखावा भी नहीं कर पाए', रामलीला रैली में भीड़ की AI वाली पोस्ट पर किरेन रिजिजू ने कसा तंज
इंडी गठबंधन की रैली को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन ...और पढ़ें


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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी 'इंडी' गठबंधन के आयोजित रैली को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए एआई से बनी फर्जी तस्वीरों का सहारा लिया है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेलंगाना से कांग्रेस सांसद वामसी गड्डम और अन्य नेताओं द्वारा साझा की गई एक तस्वीर को पोस्ट करते हुए कटाक्ष किया। रिजिजू ने लिखा कि रामलीला मैदान को खचाखच भरा दिखाने के लिए कांग्रेस पार्टी की फेक नैरेटिव टीम एआई से बनी नकली फोटो भी ठीक से नहीं बना पाई।
इस तस्वीर को कांग्रेस के कई समर्थकों के साथ-साथ पूर्व सांसद और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य जगदीश ठाकोर ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया था। सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस तस्वीर को तुरंत पकड़ लिया और दावा किया कि मंच पर दिख रहे राहुल गांधी और सोनिया गांधी के चेहरे और मूल रैली का मंच असली तस्वीरों से बिल्कुल अलग हैं।
बीजेपी ने रैली को बताया फ्लॉप शो
बीजेपी ने रविवार की इस रैली को पूरी तरह फ्लॉप शो करार दिया। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने सोशल मीडिया पर खाली कुर्सियों की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि मैदान का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा खाली पड़ा था।
बीजेपी प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कहा कि रैली से पहले कांग्रेस ने 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था, लेकिन हकीकत में 40 फीसदी मैदान खाली रहा। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि रैली में दिखाई गई भीड़ केवल ट्रिक फोटोग्राफी का नतीजा है, और ऐसी ट्रिक्स किसी को प्रधानमंत्री नहीं बना सकतीं।
वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करने के लिए आयोजन स्थल के ड्रोन फुटेज और तस्वीरें जारी कीं और दावा किया कि विरोध प्रदर्शन में लाखों लोग शामिल हुए थे।
2024 चुनाव पर राहुल गांधी के तीखे बोल
रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा की गई वोटों की चोरी के कारण 2024 का चुनाव अवैध था।
राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि देश के हर नागरिक की आवाज की चोरी है, जिसे देशद्रोह कहा जाता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार न होते, तो न तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते और न ही अमित शाह गृह मंत्री। उन्होंने यह दावा भी किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अपनी भूमिका के लिए जेल जाना पड़ेगा।
कानूनी चुनौती देने पर बीजेपी का पलटवार
राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि अगर चुनावों को अवैध ठहराना है तो उसके लिए रामलीला मैदान में भाषण देने के बजाय कानूनी रास्ता अपनाया जाता है।
पात्रा ने सवाल किया कि विपक्ष को चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद अदालत का रुख करना चाहिए था, और कांग्रेस यह दिखाए कि उसने 2024 के चुनाव को अवैध घोषित करने के लिए अब तक कौन सी याचिका दायर की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की मुहिम
रविवार को आयोजित रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के व्यापक आंदोलन का हिस्सा थी। मीडिया रिपोर्ट्स में मतदाता सूची के एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने के बाद विपक्ष ने मोर्चा खोला हुआ है।
इस रैली से एक दिन पहले, शनिवार शाम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने ज्ञानेश कुमार का एक प्रतीकात्मक महाभियोग यानी इम्पीचमेंट भी आयोजित किया था।
हालांकि, चुनाव आयोग और बीजेपी दोनों ने विपक्ष के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ जानबूझकर झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है।
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