इंडी गठबंधन की रैली और भाजपा की पदयात्रा...दिल्ली के व्यापारी परेशान; दीवाली न पड़ जाए फीकी
Opposition Mega Rally:दीपावली से ठीक पहले दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की महारैली और भाजपा की पदयात्रा से व्यापारी चिंतित हैं। ...और पढ़ें

नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आयोजित 'चलो दिल्ली' विरोध रैली में की गई सजावट। हरीश कुमार
HighLights
दीपावली से पहले दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की महारैली।
भाजपा की 1984 दंगों की याद में पश्चिमी दिल्ली में पदयात्रा।
व्यापारियों की चिंता, सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दीपावली से मात्र छह दिन पहले आखिरकार व्यापारियों की कई गुजारिशों के बाद भी आईएनडीईए ब्लॉक ने महारैली में भीड़ जुटानी शुरू कर दी है। वहीं, भाजपा की ओर से भी पदयात्रा निकाली जा रही है। इससे व्यापारियों को दीपावली के मद्देनजर किए गए निवेश को लेकर चिंता होने लगी है। इस कवायदों के बीच दिल्ली पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा मुस्तैद कर दी है।
दिल्ली में क्यों हो रही आईएनडीईए ब्लॉक की रैली
आईएनडीईए ब्लॉक का 'चलो दिल्ली' मार्च रामलीला मैदान पर समाप्त होगा। गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में अनियमितताएं हुईं हैं।
नेता संविधान क्लब पर सुबह 11 बजे इकट्ठा होंगे और दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस से मार्च शुरू करेंगे। इस रैली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, हेमंत सोरेन, रेवंत रेड्डी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव सहित कई नेता शामिल होंगे।
भाजपा 1984 दंगों को लेकर क्यों निका रही पदयात्रा?
उधर, भाजपा पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद में मार्च निकाल रही है। यह मार्च सुबह 11:30 बजे हरि नगर बस डिपो से शुरू होकर तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक जाएगा। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, एचएस फूलका, मंजींदर सिंह सिरसा और सांसद बांसुरी स्वराज इसमें शामिल होंगे। भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह दंगों की सालगिरह पर रैली कर रही है।

विपक्ष के बड़े नेताओं से व्यापारी लगा चुके हैं गुहार
इन सबके बीच दिल्ली के व्यापारियों ने दीवाली से ठीक पहले होने वाले इन प्रदर्शनों से नुकसान की आशंका जताई है। इस चिंता से उबरने के लिए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) और फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को भी पत्र लिखकर रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को दीपावली के बाद तक टालने की मांग की थी। हालांकि, व्यापारियों को इन नेताओं ने कोई राहत नहीं दी।

हर वाहन की हो रही तलाशी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
इस बीच सेंट्रल दिल्ली में करीब 10 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। रामलीला मैदान और आसपास 4,000 से ज्यादा जवान हैं। कनॉट प्लेस, जंतर मंतर और चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास कड़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग की गई है। वाहनों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

250 सीसीटीवी कैमरे से रख रहे निगाह
विपक्ष ब्लॉक रैली के बारे में डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर ने बताया कि हमने पूरे इलाके को 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों से कवर किया है। ऑर्गनाइजर का अपना कंट्रोल रूम भी है। हम इस पूरे इलाके की सिक्योरिटी पक्का करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए शनिवार दोपहर ही दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और विशेष पुलिस आयुक्त ला एंड ऑर्डर देवेश चंद्र श्रीवास्तव रामलीला मैदान पहुंचकर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की थी।
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