Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Kerala: काला-जादू और अंधविश्वास को खत्म करने के बनाए जाएं सख्त कानून, हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका

    By Nidhi AvinashEdited By:
    Updated: Tue, 18 Oct 2022 10:35 AM (IST)

    Black Magic Bill को लेकर केरल युक्तिवादी संघम ने केरल हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।बता दें कि केरल में अंधविश्वास के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक जादू-टोने ने10 साल में 1 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली है।

    Hero Image
    Kerala: काला-जादू और अंधविश्वास को खत्म करने के बनाए जाएं सख्त कानून

    नई दिल्ली। रायटर्स। देश के सबसे साक्षर राज्य केरल में दो महिलाओं की निर्मम हत्या के बाद अंधविश्वाश और काला जादू के खिलाफ कानून की मांग उठ रही है। इस बीच केरल युक्तिवादी संघम (Kerala Yukthivadi Sangham) ने केरल हाई कोर्ट में अमानवीय बुराई प्रथाओं, टोना-टोटका और काला जादू (Black Magic) के उन्मूलन के लिए केरल हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इस याचिका में हाईकोर्ट से केरल सरकार राज्य कानून सुधार आयोग की सिफारिश पर जल्द से जल्द निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की है।

    Keral में दो महिलाओं की मौत के बाद कानून बनाने की उठी मांग

    केरल के पतनमतिट्टा जिले में दो महिलाएं काला -जादू का शिकार हो गई। दोनों महिलाओं का अपहरण कर उनके शवों के टुकड़े-टुकड़े कर गड्ढें में दफना दिया। पुलिस ने जांच में पाया कि इस पूरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी आरोपी मोहम्मद शफी उर्फ रशीद है।

    बता दें कि आरोपी ने पहले भी ऐसी वारदात को अंजाम दिया है। दिल दहला देने वाले इस मामले में पुलिस ने बताया कि दोनों महिलाओं के 56 टुकड़े किए गए थे। पुलिस ने अपनी जांच के दौरान पाया कि आरोपी ने दोनों महिलाओं को वित्तीय मदद करने के बहाने से अपने पास बुलाया था। पैसे का लालच देकर महिलाओं का अपहरण किया फिर दोनों की बलि दे दी। शवों के टुकड़े किए और अपने ही घर के पीछे दबा दिया।

    India Defense Export: मोदी सरकार की Make in India के दिख रहे परिणाम, रक्षा निर्यात में 5 वर्ष में आठ गुना उछाल

    अंधविश्वास और काला जादू पर क्या बनेगा कानून?

    काला जादू और मानव बलि रोकने को लेकर 2019 में एक बिल बनाया गया था लेकिन इस बिल को कभी भी विधानसभा में पेश नहीं किया गया। केरल कानून सुधार आयोग ने इस बिल का ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को सौंपा था लेकिन सरकार इसे धार्मिक मामला समझते हुए इससे दुर रहने की कोशिश कर रही है।

    Kashmir Target Killing: कृष्ण भट्ट की हत्या के बाद अब ग्रेनेड हमले में दो यूपी श्रमिकों की मौत, आतंकी गिरफ्तार