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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kerala: केरल के मुख्यमंत्री की बेटी को विजिलेंस कोर्ट से मिला झटका, वित्तीय लेनदेन मामले में दाखिल की गई थी याचिका

Published: Mon, 06 May 2024 02:09 PM (IST)

कुझालनदान ने शुरू में यहां विशेष सतर्कता अदालत का रुख किया और कहा कि सतर्कता विभाग ने कोचीन मिनरल्स एंड ...और पढ़ें

कांग्रेस विधायक की ओर से सौंपे गए दस्तावेजों पर विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
कांग्रेस विधायक की ओर से सौंपे गए दस्तावेजों पर विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

पीटीआई, तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझालनदान की एक याचिका को यहां की एक सतर्कता अदालत ने सोमवार को खारिज कर दिया, जिसमें एक निजी खनन कंपनी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी की कंपनी टी वीणा की आईटी कंपनी के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई थी।

कुझालनदान ने शुरू में यहां विशेष सतर्कता अदालत का रुख किया और कहा कि सतर्कता विभाग ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और वीना की कंपनी एक्सालॉजिक के बीच वित्तीय लेनदेन की जांच करने से इनकार कर दिया है। बाद में, उन्होंने अपना रुख बदल दिया और कथित वित्तीय लेनदेन की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की।

कांग्रेस विधायक की ओर से सौंपे गए दस्तावेजों पर विस्तृत सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इस बीच, कुझलनदान ने कहा कि आदेश अप्रत्याशित था और फैसले का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। इससे पहले, मुवत्तुपुझा की एक सतर्कता विशेष अदालत ने सीएमआरएल, वीणा की कंपनी और संदिग्ध राजनीतिक नेताओं के बीच कथित अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए एक सामाजिक कार्यकर्ता की याचिका को सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया था।

बता दें कि केरल हाईकोर्ट वर्तमान में मामले में उस आदेश को चुनौती देने वाली एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहा है। केरल में मीडिया रिपोर्टों के बाद विवाद खड़ा हो गया था कि सीएमआरएल ने 2017 और 2020 के बीच सीएम की बेटी को कुल 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।

रिपोर्ट में समझौते के लिए एक अंतरिम बोर्ड के फैसले का हवाला दिया गया और कहा गया कि सीएमआरएल ने पहले परामर्श और सॉफ्टवेयर सहायता सेवाओं के लिए वीना की आईटी फर्म के साथ एक समझौता किया था। यह भी आरोप लगाया गया कि यद्यपि उनकी फर्म द्वारा कोई सेवा प्रदान नहीं की गई थी, लेकिन राशि का भुगतान "एक प्रमुख व्यक्ति के साथ उनके संबंधों के कारण" मासिक आधार पर किया गया था।

रिपोर्ट में उनकी कंपनी के खिलाफ रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के निष्कर्षों का भी हवाला दिया गया है। आरओसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ विपक्ष ने दावा किया कि झूठे दस्तावेजों का उपयोग करके और सेवाएं प्रदान किए बिना धन प्राप्त करने के अपराध वीणा की फर्म द्वारा किए गए थे।

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