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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कर्नाटक का बजट 7 जुलाई को किया जाएगा पेश, सीएम सिद्धरमैया ने कहा- 'गारंटियों' पर सभी की निगाहें टिकी

By Babli KumariEdited By: Babli Kumari
Published: Mon, 05 Jun 2023 04:32 PM (GMT+05:30)

Karnataka News मुख्यमंत्री के मुताबिक कैबिनेट में अभी बजट पर चर्चा नहीं हुई है लेकिन विधानसभा सत्र 3 जुलाई से ...और पढ़ें

कर्नाटक का बजट 7 जुलाई को किया जाएगा पेश (फाइल फोटो)
कर्नाटक का बजट 7 जुलाई को किया जाएगा पेश (फाइल फोटो)

दावणगेरे, एजेंसी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि राज्य का बजट सात जुलाई को पेश किया जाएगा। कांग्रेस नीत सरकार द्वारा वित्त वर्ष के भीतर सभी पांच चुनावी गारंटी को लागू करने की दिशा में कदम उठाने के साथ अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि आवश्यक धन का आवंटन किस तरह होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल में अभी बजट पर चर्चा नहीं हुई है, लेकिन विधानसभा का सत्र तीन जुलाई से शुरू होगा और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद सात जुलाई को बजट पेश किया जाएगा। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘हम बजट सत्र आहूत कर रहे हैं, जहां हम सात जुलाई को बजट पेश करेंगे। हम अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को लागू करने के लिए प्रावधान करेंगे।’’

अभी तय नहीं है कितना होगा बजट 

बजट के आकार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बजट की तैयारी बैठक शुरू होने के बाद ही वह इस मामले पर बोल पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले पिछली सरकार द्वारा पेश किए गए बजट का आकार 3.08 लाख करोड़ रुपये था।

गोवध विरोधी कानून पर फिर से विचार करने के संबंध में कर्नाटक के पशुपालन मंत्री के. वेंकटेश के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसपर मंत्रिमंडल में चर्चा करेंगे और अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है।

हम नहीं करते हैं बिजली बढ़ोतरी का फैसला

बिजली दरों में 2.89 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी के मुद्दे पर सिद्धरमैया ने कहा कि यह फैसला सरकार ने नहीं, बल्कि कर्नाटक विद्युत विनियामक आयोग (केईआरसी) ने लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम बिजली दरों में बढ़ोतरी का फैसला नहीं करते हैं। कर्नाटक बिजली विनियामक प्राधिकरण ने फैसला किया है। उसने पूर्व में यह निर्णय लिया था। हमने केवल इसे लागू किया है।’’

इंदिरा कैंटीन के बारे में सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को इसे फिर से शुरू करने के लिए सभी तैयारियां करने का निर्देश दिया है।

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सिद्धरमैया ने कहा, हमारी सरकार ने गरीबों और मध्यम वर्ग के लाभ के लिए बिजली की मुफ्त आपूर्ति की योजना की घोषणा की है। हमने लोगों को उनके पिछले वर्ष की बिजली की खपत से 10 प्रतिशत ज्यादा उपयोग करने की अनुमति दी है। लोगों ने इस योजना को उत्सव के साथ स्वीकारा है और इसका स्वागत किया है।

भाजपा लोगों को योजना का दुरुपयोग करने के लिए उकसा रही

उन्होंने कहा, लेकिन लोगों द्वारा खारिज की गई भाजपा उन्हें योजना का दुरुपयोग करने के लिए उकसा रही है और बिजली की अंधाधुंध खपत को प्रोत्साहित कर रही है। यह जनविरोधी है। हमें विश्वास है कि राज्य के जागरूक लोग उन्हें इस पहलू में प्रोत्साहित नहीं करेंगे।

कांग्रेस सरकार ने चुनावी वादे के अनुरूप गृह ज्योति योजना के तहत राज्य में सभी घरों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है। यह योजना जुलाई से लागू होगी। दुरुपयोग से बचने के लिए सरकार ने कहा था कि मुफ्त बिजली देते समय एक साल की औसत खपत पर विचार किया जाएगा। भाजपा ने इस पर आपत्ति जताई है और कहा है कि इस योजना को बिना किसी शर्त के लागू किया जाना चाहिए।

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