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    पहले चोरी किया डाटा, फिर कंपनी को लगाया 12 करोड़ का चूना; बैंक मैनेजर समेत पूरा गैंग चढ़ा पुलिस के हत्थे

    Updated: Sun, 29 Dec 2024 01:22 PM (IST)

    Karnataka Police कर्नाटक पुलिस ने कॉर्पोरेट डेटा चोरी के जरिए 12.51 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले बैंक मैनेजर के साथ उसके पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया है। संदिग्धों के पास से 1.83 करोड़ रुपये नकद दो मोबाइल फोन और एक फर्जी कॉर्पोरेट इंटरनेट बैंकिंग (सीआईबी) फॉर्म जब्त किया गया। आरोपियों ने कंपनी का डाटा चुराकर घटना को दिया था अंजाम।

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    Karnataka Police कर्नाटक पुलिस ने ठगी करने वाले गिरोह को किया गिरफ्तार। (फोटो- जागरण)

    आईएएनएस, बेंगलुरु। Karnataka Police कर्नाटक पुलिस ने संवेदनशील डेटा चुराकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड किया है। पुलिस ने गुजरात के एक्सिस बैंक के कॉर्पोरेट डिवीजनल मैनेजर के साथ चार व्यक्तियों के एक गिरोह को गिरफ्तार किया है, जिन पर एक कंपनी से करोड़ो ठगने का आरोप है। 

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    ठगों से मिली 1 करोड़ 83 करोड़ की नकदी

    बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर बी दयानंद के अनुसार, बेंगलुरु ईस्ट सीईएन पुलिस (साइबर अपराध, आर्थिक अपराध, नारकोटिक्स) ने संदिग्धों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 1.83 करोड़ रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक फर्जी कॉर्पोरेट इंटरनेट बैंकिंग (सीआईबी) फॉर्म जब्त किया गया। 

    कैसे हुआ ठगी का खुलासा?

    बता दें कि बेंगलुरु में ड्रीम प्लग पे टेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (सीआरईडी) के निदेशक द्वारा 15 नवंबर को सीईएन ईस्ट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद जांच शुरू हुई। शिकायत में कंपनी के खातों से 21.51 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया गया। कंपनी के नोडल और चालू बैंक खाते बेंगलुरु में एक्सिस बैंक की इंदिरानगर शाखा में थे।

    ऐसे हुई ठगी

    पुलिस ने बताया कि अजनबियों ने कंपनी के खातों से जुड़े ईमेल पते और संपर्क नंबरों तक पहुंच प्राप्त कर ली थी। इसके बाद साइबर जालसाजों ने कंपनी का डेटा चुराया, सीआईबी फॉर्म जाली बनाया और 17 विभिन्न बैंक खातों में 12 करोड़ 51 लाख 13 हजार रुपये ट्रांसफर की सुविधा के लिए गलत हस्ताक्षर और मुहर लगा दी। 

    पुलिस ने जांच की तो खुला राज

    शिकायत दर्ज करने के बाद, ईस्ट सीईएन पुलिस ने एक जांच शुरू की और प्राथमिक संदिग्ध को गिरफ्तार किया, जो गुजरात में एक्सिस बैंक में कॉर्पोरेट डिवीजन के प्रबंधक के रूप में काम करता था। जांच में पता चला कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलीभगत करके कंपनी का डेटा चुराया था और अपराध को अंजाम दिया था इन जाली दस्तावेजों का उपयोग करके, आरोपियों ने कंपनी के इंटरनेट बैंकिंग खातों तक पहुंच प्राप्त की और राजस्थान और गुजरात में 17 जाली खातों में पैसे ट्रांसफर किए।

    आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया

    चारों संदिग्धों को 20 दिसंबर को गुजरात के सूरत, नवसारी और राजकोट से पकड़ा गया। उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया और बाद में आगे की जांच के लिए बेंगलुरु लाया गया। आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।