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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CJI बनने से पहले जस्टिस संजीव खन्ना ने क्यों बंद कर दी मॉर्निंग वॉक, पढ़ें वजह

Published: Sat, 09 Nov 2024 07:31 PM (IST)

Justice Sanjiv Khanna सुप्रीम कोर्ट के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ रविवार को रिटायर हो रहे हैं। उनके बाद जस्टिस ...और पढ़ें

जस्टिस संजीव खन्ना 11 नवंबर को सीजेआई के तौर पर शपथ लेंगे। (File Image)
जस्टिस संजीव खन्ना 11 नवंबर को सीजेआई के तौर पर शपथ लेंगे। (File Image)

HighLights

  1. जस्टिस खन्ना प्रतिदिन 10 किलोमीटर की सैर पर जाते हैं।
  2. उन्हें अकेले सैर करने की है आदत।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जस्टिस संजीव खन्ना देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। वह 11 नवंबर को 51वें सीजेआई के तौर पर शपथ लेंगे। गौरतलब है कि निवर्तमान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ 10 नवंबर को अपने पद से रिटायर हो रहे हैं। शुक्रवार को उनका आखिरी कार्य दिवस था।

हालांकि, जस्टिस संजीव खन्ना के लिए सीजेआई पद की शपथ लेने से पहले ही मुश्किल खड़ी हो गई है। अब वह मॉर्निंग वॉक पर नहीं जा पा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जस्टिस खन्ना को प्रतिदिन 10 किलोमीटर पैदल चलने की आदत है। वह हमेशा अकेले ही मॉर्निंग वॉक पर निकलते थे और लोधी गार्डन में सैर करते थे।

सुरक्षाकर्मियों के साथ जाने की दी गई सलाह

लेकिन सीजेआई बनने के बाद उन्हें प्रोटोकॉल फॉलो करना होगा, जिसके तहत उन्हें सुरक्षाकर्मियों के साथ सैर पर जाना होगा। ऐसे में उन्होंने सैर करना ही छोड़ दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो जस्टिस खन्ना को सीजेआई का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सलाह दी गई थी कि वे अकेले सैर पर न जाएं, बल्कि सुरक्षाकर्मियों के साथ जाएं। ऐसे में उन्होंने फैसला किया कि वे सिक्योरिटी के साथ सैर करने नहीं जाएंगे।

(मनोनीत सीजेआई संजीव खन्ना एवं निवर्तमान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़। File Image)

खबरों के मुताबिक जस्टिस खन्ना को अकेले सैर करना पसंद है और वह अक्सर खुद कार ड्राइव करके अपने दोस्तों से मिलने पहुंच जाते हैं। जस्टिस खन्ना की स्कूल से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई दिल्ली में ही हुई है, इसलिए वह शहर के कोने-कोने से वाकिफ हैं। उन्हें सीधे और शांत स्वभाव का माना जाता है, जो पब्लिसिटी से दूर रहना पसंद करते हैं।

सीजेआई के विदाई पर दिया भावुक भाषण

इससे पहले मनोनीत मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) के विदाई समारोह में एक भावुक भाषण दिया। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की खूब तारीफ की। संजीव खन्ना ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में एक खालीपन आ जाएगा।

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने सुप्रीम कोर्ट को बेहतर बनाने और इसे समावेशीपन का अभयारण्य बनाने के अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाने में उनके स्मारकीय योगदान के लिए निवर्तमान सीजेआई चंद्रचूड़ की प्रशंसा की। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने कहा, 'जब न्याय के जंगल में एक विशाल पेड़ पीछे हटता है तो पक्षी अपना गीत बंद कर देते हैं। हवा भी अलग तरह से चलने लगती है। बाकी पेड़ उस खाली जगह को भरने की कोशिश करते हैं। मगर जंगल कभी वैसा नहीं होगा... जैसा पहले था।