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    NGT के नए अध्‍यक्ष नियुक्‍त किए गए जस्‍टिस आदर्श कुमार गोयल

    सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए जस्‍टिस आदर्श कुमार गोयल को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

    By Monika MinalEdited By: Updated: Mon, 09 Jul 2018 01:10 PM (IST)
    NGT के नए अध्‍यक्ष नियुक्‍त किए गए जस्‍टिस आदर्श कुमार गोयल

     नई दिल्‍ली (प्रेट्र)। जस्‍टिस आदर्श कुमार गोयल ने सोमवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के अध्‍यक्ष के तौर पर पदभार ग्रहण किया। विगत 6 जुलाई को जस्‍टिस गोयल सुप्रीम कोर्ट के जज के पद से रिटायर हुए। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेशानुसार, जस्‍टिस गोयल को पांच साल के लिए एनजीटी अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है। राष्‍ट्रीय हरित अधिकरण एक्‍ट के तहत एनजीटी की स्‍थापना 18 अक्‍टूबर 2010 को हुई थी। अधिकरण की मुख्‍य बेंच नई दिल्‍ली में है जबकि इसकी शाखाएं- भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्‍नई में है वहीं इसके सर्किट बेंच शिमला, शिलांग, जोधपुर और कोच्‍चि में है।

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    तीसरे अध्‍यक्ष हैं गोयल
    एनजीटी की स्थापना के बाद से गोयल इसके तीसरे अध्यक्ष हैं। पहले अध्‍यक्ष जस्‍टिस लोकेश्‍वर सिंह पंत थे। 2011 में हिमाचल प्रदेश के लोकायुक्‍त बनाए जाने के बाद उन्‍होंने यह पद छोड़ दिया। इसके बाद दूसरे अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र कुमार थे जो पिछले साल दिसंबर में रिटायर हो गए। जस्‍टिस गोयल को जुलाई 2014 में सुप्रीम कोर्ट का जस्‍टिस नियुक्त किया गया था।

    पिछले साल 20 दिसंबर को जस्‍टिस स्वतंत्र कुमार की सेवानिवृति के बाद एनजीटी अध्यक्ष का पद छह महीने से अधिक समय से खाली था। जस्‍टिस कुमार के रिटायर होने के बाद जस्‍टिस उमेश दत्तात्रेय साल्वी को एनजीटी का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वह 13 फरवरी को रिटायर हुए। इसके बाद, जस्‍टिस जवाद रहीम को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया।

    एनजीटी के पास कई मामले लंबित
    अभी राष्ट्रीय राजधानी में एनजीटी की मुख्य पीठ काम कर रही है जिसमें जस्‍टिस रहीम, जस्‍टिस आर एस राठौड़ और जस्‍टिस एसएस गरब्याल शामिल हैं। पर्यावरण से जुड़े कई मामले अभी एनजीटी के समक्ष लंबित हैं, जिनमें वायु प्रदूषण, गंगा और यमुना की सफाई, वैष्णो देवी और दिल्ली में पुनर्विकास की विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। पदों के खाली रहने से एनजीटी का कामकाज प्रभावित होता रहा है। इस अधिकरण में अधिकारियों के 20 स्वीकृत पदों में से अभी ज्यादातर पद खाली हैं।