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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

July Weather Update: जुलाई में सामान्य रहेगा मानसून; हिमाचल, उत्तराखंड और दिल्ली में होगी झमाझम बारिश

By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
Published: Sat, 01 Jul 2023 06:03 AM (IST)Updated: Sat, 01 Jul 2023 07:06 AM (IST)

आइएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि जुलाई में पूरे देश में बारिश औसत ही रहेगी। वहीं जून में ...और पढ़ें

July Weather Update: जुलाई में सामान्य रहेगा मानसून, हिमाचल, उत्तराखंड और दिल्ली में होगी झमाझम बारिश
July Weather Update: जुलाई में सामान्य रहेगा मानसून, हिमाचल, उत्तराखंड और दिल्ली में होगी झमाझम बारिश

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों को छोड़ दें तो पूरे देश में जुलाई में मानसून सामान्य रहने की संभावना है और पूरे महीने तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। आइएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि जुलाई में पूरे देश में बारिश औसत ही रहेगी। वहीं जून में कम से कम 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कम बारिश हुई, बिहार और केरल में सामान्य से 69 प्रतिशत और 60 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई।

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, झारखंड, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे बड़े राज्यों में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के पहले महीने जून में सामान्य से कम बारिश हुई। महापात्र ने कहा कि हाल के अधिकांश अल नीनो वर्षों के दौरान, जून में बारिश सामान्य सीमा के भीतर रही है।

उन्होंने कहा कि 25 वर्षों में 16 बार जून में बारिश सामान्य से कम थी, जुलाई में बारिश सामान्य दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कहा कि जुलाई के दौरान, उत्तर पश्चिम और भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इसमें कहा गया है कि उत्तर पश्चिम भारत के कुछ इलाकों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि देश भर के 377 मौसम केंद्रों ने जून में प्रति दिन 115.6 मिमी-204.5 मिमी भारी वर्षा की सूचना दी, जबकि 62 केंद्रों ने अत्यधिक भारी बारिश की सूचना दी, जो 204.5 मिमी से अधिक थी। महापात्र ने कहा कि मार्च से जून तक गर्मी के मौसम में हीटवेव की स्थिति देखी गई, जो पिछले 23 वर्षों में 2010 और 2022 के बाद तीसरी सबसे अधिक है।