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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Reservation quota: 'धार्मिक आधार पर आरक्षण के लिए कोई जगह नहीं', जेपी नड्डा ने अंबेडकर को याद कर कांग्रेस को सुनाया

By Agency Edited By: Babli Kumari
Published: Wed, 01 May 2024 10:56 AM (IST)

Reservation quotaकर्नाटक के शिवमोग्गा में एक बौद्धिक बैठक को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में सीएम ...और पढ़ें

भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ( फाइल फोटो )
भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ( फाइल फोटो )

HighLights

  1. मुस्लिम कोटा को लेकर जे.पी.नड्डा ने की कांग्रेस की आलोचना
  2. कांग्रेस सरकार ने मुसलमानों को ओबीसी कोटा से 4 फीसदी आरक्षण दिया
  3. धार्मिक आधार पर आरक्षण के लिए कोई जगह नहीं - जे.पी. नड्डा

एएनआइ, शिमोगा। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा कर्नाटक के शिमोगा में एक बौद्धिक बैठक में शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में सीएम सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने मुसलमानों को ओबीसी कोटा से 4 फीसदी आरक्षण दिया था। उन्होंने मुस्लिमों के लिए आरक्षण पर टिप्पणी करते हुए मंगलवार को कहा कि बी.आर. अम्बेडकर ने कहा कि धार्मिक आधार पर आरक्षण के लिए कोई जगह नहीं है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, कि अविभाजित आंध्र प्रदेश में कांग्रेस चार बार कानून लेकर आई, जिसके जरिये उसने एससी/एसटी और ओबीसी का आरक्षण छीनकर मुस्लिम समुदाय को देने की कोशिश की। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'हम मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमें यह समझना होगा कि संविधान स्पष्ट रूप से कहता है कि धर्म के आधार पर कोई आरक्षण नहीं होगा, लेकिन ये लोग (कांग्रेस) धूर्त और विभाजनकारी मंसूबे रखते हैं।'

विपक्षी दलों पर विभाजनकारी राजनीति का लगाया आरोप 

विपक्षी दलों पर 'विभाजनकारी राजनीति' में शामिल होने का आरोप लगाते हुए नड्डा ने कहा, 'कुछ दिन पहले एक वीडियो आया था और वे यह धारणा और माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे कि भाजपा एससी/एसटी और ओबीसी के खिलाफ है और अगर हम (भाजपा) सत्ता में आते हैं तो इन समुदायों के लिए आरक्षण खत्म हो जाएगा।'

'सीएम का एकमात्र एजेंडा समुदायों को विभाजित करना'

जे.पी. नड्डा ने कहा, 'सीएम सिद्धारमैया केवल विभाजनकारी राजनीति और धर्म के बारे में बात करेंगे, उससे आगे कुछ नहीं। उनका एकमात्र एजेंडा समुदायों को विभाजित करना है। सिद्धारमैया हमेशा कहते हैं कि राज्य को उसका हक नहीं मिल रहा है। वह जो कह रहे हैं वह सही है। सिद्धारमैया को यह हक कभी नहीं मिलेगा। वे वे 'मिशन' में विश्वास नहीं करते, वे केवल 'कमीशन' में विश्वास करते हैं, जो उन्हें कभी नहीं मिलेगा।'

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