जम्‍मू, राज्‍य ब्‍यूरो। पुलिस ने सोमवार को दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा में सक्रिय जैश-ए-मुुहम्‍मद के चार सदस्यीय मॉड्यूल को ध्वस्त करते हुए चारों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पकड़े गए आतंकियों के पास से एक एक पिस्तौल, दो मैगजीन, आठ कारतूस, एक ग्रेनेड और आइईडी बनाने का सामान भी बरामद किया गया है। यह मॉड्यूल जैश के पाकिस्तानी कमांडर खालिद और उमर के लिए काम करता था।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यही मॉड्यूल डीएसपी ऑपरेशन अवंतीपोरा के मकान पर गत तीन मार्च को ग्रेनेड हमला करने और नौपोरा त्राल में नसीर अहमद नामक नागरिक पर हमले में शामिल था। इसके अलावा इसी माडयूल ने बीते एक पखवाड़े के दौरान दो युवकों को जैश-ए-मुुहम्‍मद में शामिल करने में अहम भूमिका निभाई थी। जैश में शामिल होने वाले इन दो युवकों में एक जोवीस्तान त्राल का और दूसरा नगीनपोरा त्राल का रहने वाला है।

डीएसपी ऑपरेशन ने बताया कि अमलर त्राल के रहने वाले मुर्तजा के बारे में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने तुरंत मुर्तजा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक पिस्तौल, दो मैगजीन और आठ कारतूस बरामद किए। पूछताछ में मुर्तजा ने आकिब का नाम लिया, जिसके बाद पुलिस ने आकिब को भी गिरफ्तार कर लिया। मुर्तजा और आकिब ने बताया कि वह अपने एक परिचित के माध्यम से त्राल-अवंतीपोरा में सक्रिय जैश-ए-मुुहम्‍मद के पाकिस्तानी कमांडर खालिद भाई के संपर्क में आए थे। इसके बाद दोनों खालिद के लिए काम करने लगे। खालिद के साथ एक और पाकिस्तानी आतंकी उमर भाई भी उन्हें कार्रवाई के लिए निर्देश देता था।

खालिद और उमर के कहने पर ही मुर्तजा और आकिब ने जैश के आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकानों का बंदोबस्त करने के अलावा उनके हथियार एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाने का भी काम शुरू कर दिया। मुर्तजा और आकिब ने बताया कि उमर और खालिद के कहने पर ही उन्होंने नौपोरा त्राल के रहने वाले नसीर अहमद पर हमला कराया था। हमले में लिप्त आतंकियों के लिए इन्हीं दोनों ने वाहन का भी बंदोबस्त भी किया था। इसके अलावा जैश के पाकिस्तानी कमांडरों के कहने पर ही मुर्तजा और आकिब ने एक आइईडी भी तैयार की। यह आइईडी अमलर, नौपोरा स्थित सरकारी स्कूल में कुछ दिन रखी गई।

गत माह दो मार्च की रात बारिश के दौरान आइईडी में शार्ट सर्किट होने से विस्फोट हो गया था, हालांकि इस धमाके में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ था। आइईडी धमाके की साजिश में नाकाम होने पर ही मुर्तजा और आकिब ने जैश कमांडर खालिद के कहने पर तीन मार्च की रात डीएसपी ऑपरेशन अवंतीपोरा के मकान पर ग्रेनेड हमला किया था।

प्रवक्ता ने बताया कि इन दोनों के अलावा गडलीखल अवंतीपोरा का रहने वाला इरफान उल हक भी खालिद द्वारा बनाए गए जैश के मॉड्यूल के लिए काम कर रहा था। उसने अवंतीपोरा स्थित सीआरपीएफ कैंप पर ग्रेनेड हमला किया था। इसके अलावा वह कुछ वाट्सएप ग्रुप भी संचालित कर रहा था, जिनमें देश- विदेश में सक्रिय कई राष्ट्रविरोधी तत्व भी शामिल थे। माडयूल के चौथे सदस्य का नाम गुप्त रखते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि उससे अभी पूछताछ चल रही है।

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