सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नई दिल्ली। देश के बड़े राज्यों को लक्ष्य कर बनाई गई रणनीति से जल जीवन मिशन के तहत समय से पहले सौ प्रतिशत ग्रामीण घरों तक नल से जलापूर्ति की कोशिश तेज कर दी गई है। कई राज्यों में पुराने नियमों में सुधार करके जलापूर्ति एजेंसियों की स्थापना के साथ जल जीवन मिशन ने रफ्तार पकड़ ली है। मिशन ने पिछले दो साल में देश के 43 प्रतिशत ग्रामीण घरों तक नल का कनेक्शन देकर जलापूर्ति सुनिश्चित करने में सफलता प्राप्त की है। महिलाओं और बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहे इस मिशन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सीधी नजर है।

समय से पहले लक्ष्‍य हो जाएगा पूरा

जल शक्ति राज्यमंत्री प्रह्लाद पटेल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में नियमों को तर्कसंगत बना देने भर से वहां मिशन की रफ्तार तेज हो गई है। पिछले महीने मिशन के लंबित 78 प्रतिशत से अधिक कार्यों का टेंडर हो चुका है। अगले साल की पहली छमाही तक राज्य में सौ प्रतिशत ग्रामीण घरों में जल से नल पहुंच जाएगा। जल जीवन मिशन में तेजी लाने के लिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की बाधाएं दूर करने की कोशिशें की जा रही हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों पर जोर

मिशन की दो साल की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए 'दैनिक जागरण' से बातचीत में पटेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए जल निगम व जल संस्थान जैसी सरकारी एजेंसियां हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति की कोई उचित व खास एजेंसी नहीं थी। इसके लिए पंचायतों के स्तर पर कई छोटी बड़ी एजेंसियां गठित थीं लेकिन उनकी प्राथमिकताओं में नल से जलापूर्ति नहीं थी।

ग्रामीण इलाकों में जल निगम की स्थापना

यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा था। इसके मद्देजनर केंद्र व राज्य के बीच हुई बैठकों में इन खामियों को चिन्हित कर दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पटेल ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जलापूर्ति वाली योजना के लिए जल निगम (ग्रामीण) की स्थापना की गई है।

मध्य प्रदेश में भी जल निगम हुआ एक्टिव

मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में भी यही विडंबना थी। यहां भी ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति दायित्व पहले ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) पर था। यह जिला मुख्यालयों और नगरीय क्षेत्रों को छोड़कर बाकी ग्रामीण हिस्सों के पंचायत के कार्यों कराने वाला है। जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश में भी जल निगम (ग्रामीण) को सक्रिय कर दिया गया है। अब इन दोनों राज्यों में मिशन का लक्ष्य तेजी से पूरा करने में आसानी हो जाएगी।

मिशन की प्राथमिकताएं

जल शक्ति राज्यमंत्री पटेल ने बताया कि मिशन में पेयजल आपूर्ति की नेटवर्किंग से पहले जल के सुरक्षित स्त्रोत को चिन्हित करना होता है। जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर बहुत नीचे है अथवा प्रदूषित है, वहां बारिश के पानी को भंडारण कर संरक्षित किया जाना है। मिशन में इन क्षेत्रों को उच्च प्राथमिकता के तौर लिया जा रहा है। वर्ष 2019 में शुरू हुए जल जीवन मिशन को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

43 फीसद क्षेत्रों में नल से जलापूर्ति

पिछले दो साल में 5.03 करोड़ नए कनेक्शन पूरे हो गए हैं, जिससे कुल 8.26 करोड़ घरों तक स्वच्छ जलापूर्ति नलों से होने लगी है। गांवों के लोगों के जीवन को सरल और सहज बनाने के लिए जल जीवन मिशन की भूमिका अहम है। देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं व बच्चों को पीने का पानी दूर से ढोना पड़ता था। 2019 में जहां कुल 17 प्रतिशत क्षेत्रों में नल से जलापूर्ति होती थी, दो साल के भीतर वह 43 फीसद तक पहुंच गई है।