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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kyrgyz Republic: जयशंकर ने किर्गिज़ गणराज्य के लोगों को उनके 31वें स्वतंत्रता दिवस पर दीं शुभकामनाएं

By Versha SinghEdited By:
Published: Wed, 31 Aug 2022 09:47 AM (IST)

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को किर्गिज़ गणराज्य की सरकार और लोगों को उनके 31वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर ...और पढ़ें

जयशंकर ने किर्गिज़ गणराज्य के लोगों को उनके 31वें स्वतंत्रता दिवस पर दीं शुभकामनाएं
जयशंकर ने किर्गिज़ गणराज्य के लोगों को उनके 31वें स्वतंत्रता दिवस पर दीं शुभकामनाएं

नई दिल्ली, एजेंसी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को किर्गिज़ गणराज्य की सरकार और लोगों को उनके 31वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बधाई दी।

जयशंकर ने ट्विटर पर कहा, वित्त मंत्री जीनबेक कुलुबेव और सरकार और किर्गिज़ गणराज्य के लोगों को उनकी स्वतंत्रता की 31 वीं वर्षगांठ पर बधाई। विश्वास है कि हमारी साझेदारी अपनी निरंतर प्रगति को जारी रखेगी।

भारत और किर्गिस्तान सभी क्षेत्रों में मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध साझा करते हैं।

बता दें कि हाल ही में, जून में, विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने किर्गिस्तान का दौरा किया था और विदेश मंत्री कुलुबेव के साथ बातचीत की थी।

लेखी ने ट्वीट किया, विदेश मंत्री ज़ीनबेक कुलुबेव के साथ भारत-किर्गिज़ गणराज्य संबंधों की स्थिति और संभावनाओं का जायजा लिया। हमने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान भी किया।

लेखी ने संस्कृति, सूचना, खेल और युवा नीति मंत्री अज़मत ज़मांकुलोव के साथ भी उपयोगी चर्चा की। उन्होंने कहा, आज 2022-2026 के सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर हस्ताक्षर से भारत-किर्गिज गणराज्य सांस्कृतिक सहयोग और समृद्ध होगा।

इस वर्ष की शुरुआत में, भारत ने पहले भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जिसमें किर्गिस्तान सहित पांच मध्य एशियाई देशों ने भाग लिया।

वर्चुअल इवेंट के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापरोव ने कहा, इन वर्षों में, आपसी प्रयासों के कारण, हमारे देशों ने मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए हैं, रणनीतिक साझेदारी स्थापित की है और राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और मानवीय क्षेत्रों में सहयोग विकसित किया है।

पूर्व में यूएसएसआर का एक घटक (संघ) गणराज्य, किर्गिस्तान ने 31 अगस्त, 1991 को अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।

31 अगस्त 1991 को किर्गिज़ गणराज्य की स्वतंत्रता के बाद से, भारत 1992 में राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले लोगों में से था; भारत का निवासी मिशन 1994 में स्थापित किया गया था।

किर्गिज़ गणराज्य ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में पूर्ण सदस्यता हासिल करने में भारत का समर्थन किया और यूएनएससी में स्थायी सीट के लिए भारत की बोली का भी समर्थन किया।

आतंकवाद, उग्रवाद और नशीली दवाओं की तस्करी के खतरों पर दोनों देश समान चिंताएं साझा करते हैं।

1992 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से, दोनों देशों ने संस्कृति, व्यापार और आर्थिक सहयोग, नागरिक उड्डयन, निवेश संवर्धन और संरक्षण, दोहरे कराधान से बचाव और कांसुलर कन्वेंशन सहित कई रूपरेखा समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।