नई दिल्‍ली (स्‍पेशल डेस्‍क)। जम्‍मू कश्‍मीर में पाकिस्‍तान के हाथों कठपुतली बनकर मासूमों का खून बहाने वाले आतंकी मूसा की ऑडियो क्लिप की सभी मुस्लिम संगठनों ने कड़ी निंदा की है। ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम डॉक्‍टर उमर अहमद इलियासी ने मूसा की क‍ड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारत का मुसलमान न सिर्फ सच्‍चा देश भक्‍त है बल्कि वह सही गलत की भी समझ उससे बेहतर रखता है। जागरण डॉटकॉम की स्‍पेशल डेस्‍क से बात करते हुए उन्‍होंने कहा कि भारत के मुसलमानों को आतंकी मूसा जैसे किसी भी शख्‍श की सलाह की दरकार नहीं है। उन्‍होंने कहा कि मूसा को खुद दुरुस्‍त होने की जरूरत है। उनका कहना था कि जम्‍मू कश्‍मीर में मासूमों को कत्‍ल कर देने वाले आतंकी कभी मुस्लिम नहीं हो सकते हैं।

अपने मुल्‍क को प्‍यार करता है भारतीय मुसलमान

बातचीत के दौरान उन्‍होंने कहा कि जम्‍मू कश्‍मीर ही नहीं पूरे भारत का मुसलमान कभी भी आतंकियों का साथ नहीं दे सकता है। वह अपने मुल्‍क को प्‍यार करता है। जम्‍मू कश्‍मीर में पाकिस्‍तान द्वारा फैलाए जा रहे प्रायोजित आतंकवादपर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह जम्‍मू कश्‍मीर के नौजवानों को ज्‍यादा से ज्‍यादा रोजगार उपलब्‍ध करवाए। उनका कहना था कि वहां के नौजवानों को शिक्षा और रोजगार की दरकार है। शिक्षा की कमी की वजह से वह कभी कभी अलगाववादियों की बातों में आ जाते हैं और पत्‍थरबाजी जैसी घटनाओं में शामिल हो जाते हैं। उनके हाथों में पत्‍थर नहीं बल्कि कलम होनी चाहिए ताकि वह देश की तरक्‍की में अपनी भूमिका अदा कर सकें।

जम्‍मू कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग

इमाम इलियासी का कहना था कि वहां के लोगों और बंदूक उठाने वाले नौजवानों को इस बात को जान लेना चाहिए कि जम्‍मू कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग था और हमेशा रहेगा। उन्‍होंने अलगाववादियों पर सख्‍त रवैया अपनाने की भी सरकार से गुजारिश की है। इसके अलावा उन्‍होंने यह भी कहा कि सभी मस्जिदों से इस बात का एलान किया जाना चाहिए कि जम्‍मू कश्‍मीर में पत्‍थरबाजी बंद हो और नौजवान शिक्षा और रोजगार के लिए आगे आएं। दैनिक जागरण की स्‍पेशल डेस्‍क से बात करते हुए उन्‍होंने पिछले दिनों जम्‍मू कश्‍मीर के नौजवानों द्वारा बड़ी संख्‍या में पुलिस और फौज में शामिल होने पर भी खुशी का इजहार किया है। 

 

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अलगाववादियों पर सख्‍त होने की जरूरत

अलगाववादियों पर भड़कते हुए उन्‍होंने यह भी कहा कि जो लोग भारत में रहकर पाकिस्‍तान की बात करते हैं और देश के टुकड़े होने की बात करते हैं उनके खिलाफ सरकार को सख्‍त रवैया अपनाने की जरूरत है। इनके लिए कड़े कानून बनाए जाने चाहिएं। उनका कहना था कि आतंकवाद अब कारोबार बन चुका है जिसके जरिए पाकिस्‍तान मासूम नौजवनों को भड़का रहा है। उन्‍होंने यह भी माना कि मूसा का यह ऑडियो क्लिप उसकी बौखलाहट का सुबूत है। 

पूर्व सांसद ने भी की मूसा के बयान की मजम्‍मत

जाकिर मूसा की ऑडियो क्लिप की आलोचना करने वाले इमाम इलियासी ही अकेले नहीं हैं। वरिष्‍ठ पत्रकार और पूर्व सांसद शाहिद सिद्दकी ने भी आतंकी मूसा के बयान की कड़ी मजम्‍मत की है। उनका कहना है कि आतंकी मुसलमान ही नहीं इस्‍लाम का भी दुश्‍मन है। उन्‍होंने भी इमार इलियासी की बात दोहराते हुए आतंकी मूसा को नसीहत दी और कहा कि भारत के मुसलमान को उसकी सलाह की जरूरत नहीं है। यहां का मुसलमान अपने देश और अपनी मिट्टी को प्‍यार करता है। वह कभी आतंकियों के बताए रास्‍ते पर नहीं चल सकता है। सिद्दकी का कहना था कि मासूमों को कत्‍ल कर देना कभी बहादुरी नहीं हो सकती है।

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मूसा ने ऑडियो क्लिप में कहा था बुरा-भला

दरअसल, भारतीय मुसलमानों द्वारा आतंकियों की आलोचना किए जाने के बाद हिजबुल का पूर्व कमांडर जाकिर मूसा इस कदर बौखला गया है कि उन्‍हें बुरा-भला कहने से भी नहीं चूका। अपनी एक ऑडियो क्लिप में वह भारतीय मूसलमानों को इसलिए कोसता हुआ दिखाई दे रहा है क्‍योंकि वह आतंकियों का साथ नहीं दे रहे हैं। एक ऑडियो के जरिए उसने भारत के मुस्लिम युवकों को जिहाद के नाम पर आंतकी बनने की नापाक सलाह दी है। ऑडियो में वह गजवा-ए-हिंद के लिए जिहाद में शामिल न होने पर भारतीय मुसलमानों की आलोचना करता सुनाई दे रहा है।

व्‍हाट्सएप के माध्‍यम से शेयर की गई क्लिप

टेलिग्राम और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए शेयर की गई इस ऑडियो क्लिप में वह कह रहा है कि उसकी लड़ाई सिर्फ कश्मीर तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह इस्लाम और काफिरों के बीच लड़ाई है। इस क्लिप में उसने बिजनोर जाने वाली चलती ट्रेन में एक मुस्लिम महिला के साथ पुलिस कॉन्स्टेबल द्वारा रेप, कथित गोरक्षकों द्वारा मुस्लिमों को पीट-पीट कर मारे जाने का हवाला दिया है। इस ऑडियो क्लिप में वह कह रहा है कि वे लोग दुनिया के सबसे बेशर्म मुस्लिम हैं। उनको खुद को मुस्लिम कहने में शर्म आनी चाहिए। हमारी बहनों को बेइज्जत किया जा रहा है और भारतीय मुस्लिम चीख-चीखकर कह रहे हैं कि इस्लाम शांतिप्रिय धर्म है।' मूसा ने ऐतिहासिक इस्लामी युद्ध 'जंग-ए-बदर' का हवाला दिया है। उसने कहा, 'वे लोग 313 थे और दुनिया पर राज किया। अब हम करोड़ों हैं लेकिन गुलाम हैं।'
 

Posted By: Kamal Verma

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