न्यूयार्क, पीटीआइ। माइक्रो ब्लागिंग प्लेटफार्म ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जैक डार्सी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। भारत के पराग अग्रवाल ट्विटर के नए सीईओ होंगे। पराग आइआइटी बांबे से स्नातक हैं और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में डाक्टरेट की डिग्री ली है। वह वर्ष 2011 से ट्विटर में काम कर रहे हैं। उस समय कंपनी में मात्र एक हजार कर्मचारी होते थे। उन्होंने 2017 में कंपनी के सीटीओ (चीफ टेक्नोलाजी आफिसर) का पदभार संभाला।

दिग्‍गज कंपनियों में कर चुके हैं काम

ट्विटर में काम करने से पहले पराग एटीएंडटी लैब्स, माइक्रोसाफ्ट और याहू में काम कर चुके हैं। इस समय ग्लोबल टेक्नोलाजी कंपनियों में से अधिकांश की कमान भारतीय मूल के लोगों के हाथ में हैं। माइक्रोसाफ्ट के सीईओ सत्य नडेला हैं तो गूगल को सुंदर पिचाई चला रहे हैं। अब ट्विटर को पराग अग्रवाल आगे बढ़ाएंगे।

ट्वीट करके इस्तीफे का किया एलान

45 वर्षीय जैक डार्सी ने ट्वीट करके अपने इस्तीफे का एलान किया। उन्होंने लिखा, 'कंपनी के सह संस्थापक से सीईओ तक की भूमिका निभाने के लगभग 16 वर्ष बाद मैंने फैसला किया है कि आखिरकार मेरे जाने का समय आ गया है। पराग अग्रवाल हमारे अगले सीईओ होंगे।' डार्सी ने पराग की तारीफ करते हुए कहा कि सीईओ के तौर पर मेरा उनमें गहरा विश्वास है। पिछले 10 वषरें में उनका काम शानदार रहा है। यह उनके नेतृत्व करने का समय है।

2022 तक कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे

डार्सी ने सीईओ के पद से इस्तीफा दिया है लेकिन 2022 तक वह कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे। फो‌र्ब्स मैग्जीन के मुताबिक 29 नवंबर को उनकी कुल संपत्ति 11.8 अरब डालर थी।

पराग अग्रवाल बोले- मैंने बहुत उतार-चढ़ाव देखे

कंपनी के नए सीईओ पराग अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि मुझे आज भी वह दिन याद है जब मैं कंपनी से जुड़ा था। इस दौरान मैंने बहुत उतार-चढ़ाव देखे। हाल ही हमने महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अपनी रणनीति को अपडेट किया है। आज के घटनाक्रम को लेकर बहुत से लोगों के अलग-अलग विचार और राय होंगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि वे ट्विटर और हमारे भविष्य की परवाह करते हैं। यह इस बात का भी संकेत है कि हम यहां जो काम करते हैं वह मायने रखता है।

21 मार्च 2006 को किया था पहला ट्वीट

डार्सी ने बिज स्टोन, इवान विलियम्स और नोह ग्लास के साथ मिलकर वर्ष, 2006 में कंपनी की शुरुआती की थी। 21 मार्च 2006 को उन्होंने पहला ट्वीट किया था। 2007 में वह कंपनी के सीईओ बने, लेकिन अगले साल ही उन्हें पद छोड़ना पड़ा। आठ साल बाद वर्ष, 2015 में वह एक बार फिर कंपनी के सीईओ बन गए।

ट्विटर का सफर

  • 2006 में कंपनी की स्थापना
  • 2007 में जैक डार्सी सीईओ बने
  • 2008 में पद से हटाए गए
  • 2013 में ट्विटर शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई। उस समय कुल मार्केट कैप 31 अरब डालर था
  • 2015 में कंपनी के दोबारा सीईओ बने
  • 2018 में ट्वीट में इस्तेमाल किए जाने वाले अक्षरों की संख्या 140 से बढ़ाकर 280 की गई
  • 2021 में अमेरिकी संसद के पास हुए दंगे के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट स्थायी तौर पर निलंबित कियाा गया
  • 2021 में डार्सी ने अपना पहला ट्वीट 2.9 मिलियन डालर में बेचा

जब राजनीतिक विवादों में फंसा ट्विटर

वर्ष 2020 में अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनावों के दौरान ट्विटर की भूमिका को लेकर जमकर राजनीतिक विवाद हुआ। विवाद ने उस समय तूल पकड़ा जब कंपनी ने अपने प्लेटफार्म पर तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रतिबंधित कर दिया। डार्सी ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि छह जनवरी को अमेरिकी संसद पर हुए दंगे और उसके बाद ट्रंप द्वारा किए गए ट्वीट से ना केवल सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ बल्कि असाधारण परिस्थति बनी। ट्रंप ने इसी साल जुलाई में कथित सेंसरशिप के खिलाफ फेसबुक और यूट्यूब के साथ कंपनी पर मुकदमा दायर किया था।

दो बड़े निवेशकों को दी बोर्ड में जगह

पिछले साल कंपनी ने अपने दो बड़े निवेशकों के साथ समझौता कर उन्हें बोर्ड में जगह दी थी। इसमें चार प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले इलियट मैनेजमेंट कारपोरेशन भी है। सिल्वर लेक दूसरी बड़ी कंपनी है, जिसे बोर्ड में जगह दी गई है। डार्सी एक वित्तीय भुगतान कंपनी स्क्वायर के भी कार्यकारी अधिकारी हैं। इस कंपनी की स्थापना भी उन्होंने ही की है।