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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ISRO 2027 में फिर रचेगा इतिहास! चंद्रयान-4, गगनयान और समुद्रयान के बारे में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी पूरी जानकारी

By Jagran News Edited By: Jagran News Network
Published: Thu, 06 Feb 2025 07:33 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसरो के तीन नए मिशन के बारे में जानकारी दी है। चंद्रयान-4 साल 2027 में ...और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (फोटो सोर्स- ANI)
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (फोटो सोर्स- ANI)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चंद्रयान-3(Chandrayaan-3) को सफलतापूर्वक चांद पर उतारने के बाद अब इसरो फिर से एक बार इतिहास रचने को तैयार है। इसरो साल 2027 में चंद्रयान-4 मिशन को लॉन्च करने वाला है। यह जानकारी साइंस और टेक्नोलॉजी मिनिस्टर जितेंद्र सिंह ने दी है।

पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत 2027 में मिशन चंद्रयान-4 को लॉन्च करेगा। इस मिशन का उद्देश्य चांद की जमीन से चट्टानों के सैंपल को धरती पर लाना होगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि, चंद्रयान-4 मिशन के तहत कम से कम दो बार भारी लिफ्ट वाली LVM-3 रॉकेट को लॉन्च किया जाएगा। यह रॉकेट अपने साथ पांच कंपोनेंट्स लेकर अंतरिक्ष में जाएगा और ऑर्बिट में ही उन्हें असंबल करेगा, जिससे मिशन को सफल बनाया जा सकता है।

दो और मिशन होंगे लॉन्च

साइंस और टेक्नोलॉजी मंत्री ने बताया कि, इस मिशन का मकसद चंद्रमा की सतह से चट्टानों के सैंपल को इकट्ठा करके पृथ्वी पर लाना है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने भारत के दो और मिशन के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि, गगनयान(Gaganyaan) मिशन अगले साल लॉन्च किया जाएगा और इसका मकसद भारतीय एस्ट्रोनॉट को पृथ्वी के निचली ऑर्बिट में भेजना और फिर सफलतापूर्वक उनकों वापस लाना है।

इसके साथ ही, साल 2026 में ही इसरो मिशन समुद्रयान(Samudrayaan) भी लॉन्च करने वाला है। इस मिशन के तहत तीन वैज्ञानिकों को समुद्र में पनडुब्बी की मदद से 6000 मीटर तक की गहराई तक ले जाया जाएगा, जिससे समुद्र के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा सके।

भारत को एक साथ मिलेगी कई उपलब्धि

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "यह उपलब्धि भारत के अन्य प्रमुख मिशनों के साथ लगभग एक ही समय पर आएगी, जिसमें गगनयान मिशन भी शामिल है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने भी 15 अगस्त को अपने भाषण में समुद्रयान मिशन का जिक्र किया था।"

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि समुद्रयान मिशन से भारत को सुमद्र के अंदर जो महत्वपूर्ण खनिज हैं या फिर दुर्लभ धातुओं और अनदेखे समुद्री जीवों के बारे में पता लगेगा। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी फायदा पहुंच सकता है। उन्होंने बताया, इसी साल गगनयान मिशन के तहत एक मिशन लॉन्च किया जाएगा जिसमें एक रोबोट, व्योममित्र को भेजा जाएगा।

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