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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चंद्रयान-3 के बाद इसरो का नया मिशन तैयार, 30 जुलाई को छह उपग्रहों के साथ PSLV-C56 को भेजा जाएगा अंतरिक्ष

By AgencyEdited By: Devshanker Chovdhary
Published: Mon, 24 Jul 2023 11:57 AM (IST)

चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो अब नया मिशन लॉन्च करने वाला है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने ...और पढ़ें

30 जुलाई को छह उपग्रहों के साथ PSLV-C56 को भेजा जाएगा अंतरिक्ष।
30 जुलाई को छह उपग्रहों के साथ PSLV-C56 को भेजा जाएगा अंतरिक्ष।

नई दिल्ली, एएनआई। चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो अब नया मिशन लॉन्च करने वाला है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने अगले मिशन की तैयारी कर रहा है और जल्द ही इसे अंजाम देने वाला है।

30 जुलाई को मिशन की लॉन्चिंग

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी 30 जुलाई को छह सह-यात्री उपग्रहों के साथ PSLV-C56 मिशन लॉन्च करेंगी। इसरो ने बताया कि छह सह-यात्री उपग्रहों के साथ PSLV-C56 को 30 जुलाई को सुबह 06.30 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा।

सिंगापुर के साथ किया गया तैयार

बता दें कि डीएस-एसएआर उपग्रह को सिंगापुर की रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी एजेंसी (डीएसटीए) और एसटी इंजीनियरिंग के बीच साझेदारी के तहत तैयार किया गया है। इसका उपयोग सिंगापुर सरकार के विभिन्न एजेंसियों द्वारा किया जाएगा।

इसके साथ ही एसटी इंजीनियरिंग अपने वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए मल्टी-मॉडल और उच्च प्रतिक्रियाशीलता इमेजरी और भू-स्थानिक सेवाओं के लिए इसका उपयोग करेगी।

हर मौसम करेगा काम

डीएस-एसएआर इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) द्वारा विकसित सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) पेलोड रखता है। यह डीएस-एसएआर को हर मौसम में दिन और रात की कवरेज प्रदान करने की अनुमति देता है।

अंतरिक्ष विभाग के तहत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) ने डीएसटीए और एसटी इंजीनियरिंग, सिंगापुर से 360 किलोग्राम के डीएस-एसएआर उपग्रह को तैनात करने के लिए पीएसएलवी-सी56 खरीदा है। इसरो ने बताया कि यह सी-55 के जैसा ही है।