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    ISRO Mission 100: क्यों खास है NVS-02 सैटेलाइट? लॉन्चिंग का काउंटडाउन शुरू

    By Agency Edited By: Piyush Kumar
    Updated: Tue, 28 Jan 2025 05:15 PM (IST)

    आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के ऐतिहासिक 100वें मिशन की काउंटडाउन शुरू हो गई है। बुधवार सुबह जीएसएलवी GSLV-F15 रॉकेट के जरिए नेविगेशन सैटेलाइट लॉन्च किया जाएगा। ये सैटेलाइट परिवहन में उचित ट्रैकिंग और मार्गदर्शन में मदद करेगा। वहीं सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए सुरक्षित स्थानीय नेविगेशन होने से रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा।

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    ISRO)के ऐतिहासिक 100वें मिशन की काउंटडाउन शुरू हो गई है।(फोटो सोर्स: ISRO एक्स हैंडल)

    पीटीआई, नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के ऐतिहासिक 100वें मिशन की काउंटडाउन शुरू हो गई है।  गौरतलब है कि यह इसरो के नए चेयरमैन वी नारायणन के तहत पहला मिशन भी होगा। नारायणन ने 13 जनवरी को पदभार संभाला था।

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    क्या काम करेगी सैटेलाइट?

    बुधवार सुबह जीएसएलवी GSLV-F15 रॉकेट के जरिए नेविगेशन सैटेलाइट (NVS-02)  लॉन्च किया जाएगा। ये सैटेलाइट परिवहन में उचित ट्रैकिंग और मार्गदर्शन में मदद करेगा। हवाई और समुद्री यातायात को कुशलतापूर्वक ट्रैक करेगा। वहीं, सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए सुरक्षित, स्थानीय नेविगेशन होने से रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा।

    भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ भारतीय भूभाग से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे के क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं  (यूजर्स) को सटीक स्थिति, गति और समय की जानकारी प्रदान करेगी।

    कब होगी रॉकेट की लॉन्चिंग?

    जानकारी के मुताबिक,  भू-समकालीन उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) अपनी 17वीं उड़ान में नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-02 को लेकर श्रीहरिकोटा से 29 जनवरी को सुबह 6 बजकर 23 मिनट पर लॉन्च होगा।

    यूआर सैटेलाइट सेंटर द्वारा डिजाइन और विकसित इस एनवीएस-02 उपग्रह का वजन लगभग 2250 किलोग्राम है। इसमें एल1, एल5 और एस बैंड में नेविगेशन पेलोड के साथ-साथ सी-बैंड में रेंजिंग पेलोड भी लगाया गया है।

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