'मुनीर ने इसीलिए ट्रंप के साथ किया था लंच?', ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद ओवैसी ने पाक पर कसा तंज
अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमला किया है। यूएस ने दावा किया कि उसने तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला किया, जिसमें फोर्डो, नतांज और इस्फहान शामिल है। अमेरिका के इन हमलों की पाकिस्तान ने निंदा की है। पाकिस्तान के इस कदम पर एआईएमआईएम प्रमुख ने कटाक्ष किया है। उन्होंने पाक से पूछा कि क्या इसके लिए ही पाकिस्तान ट्रंप को नोबल पुरस्कार देना चाहता है?

असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम प्रमुख। (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Israel Iran Conflict: इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष में अब अमेरिका की भी एंट्री हो गई है। भारतीय समयानुसार अमेरिका ने रविवार तड़के ईरान में तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला किया, जिसमें फोर्डो, नतांज और इस्फहान शामिल है।
इस बात की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी। ईरान पर हुए अमेरिकी हमले की पाकिस्तान ने निंदा की है। इस बीच एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानियों से पूछा जाना चाहिए कि क्या अब भी वे डोनाल्ड ट्रंप को इस उपलब्धि के लिए नोबल पुरस्कार देने की वकालत करेंगे।
पाकिस्तान ने की ट्रंप को नोबल पुरस्कार देने की सिफारिश
शनिवार को पाकिस्तान ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा था कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अमेरिका ने अहम भूमिका निभाई। इस कारण पाकिस्तान नोबेल शांति पुरस्कार के लिए डोनाल्ड ट्रम्प के नाम की सिफारिश करेगा। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि भारत-पाक के बीच अमेरिका का यह हस्तक्षेप एक वास्तविक शांति निर्माता के रूप में ट्रंप की भूमिका का प्रमाण है।
पाकिस्तान ने पलटा पाला
आज ईरान पर अमेरिका के हवाई हमलों के बाद पाकिस्तान के सुर बदल गए। पाकिस्तान ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि वह मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गंभीर रूप से चिंतित है। पाकिस्तान ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का उल्लंघन करते हैं और ईरान को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत खुद की रक्षा करने का वैध अधिकार है।
ओवैसी ने पाकिस्तान पर बोला हमला
इस बीच असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के पाला बदलने पर कटाक्ष किया है। ओवैसी ने कहा कि हमें पाकिस्तानियों से पूछना चाहिए कि क्या वे चाहते हैं कि ट्रंप को शांति का नोबल पुरस्कार मिलना चाहिए। क्या उनके जनरल (पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर) ने इसके लिए ही व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ लंच किया था।
उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार होने का हौवा खड़ा किया गया है। उन्होंने कहा कि ईराक में भी यही चीज इस्तेमाल की गई, लेकिन कुछ नहीं निकला। लीबिया में भी यही चीज इस्तेमाल की गई, लेकिन कुछ नहीं मिला।
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