UP-Bengal समेत कई राज्यों में SIR की बढ़ेगी डेडलाइन? वोटर लिस्ट पर EC ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, बंगाल और अन्य राज्यों के लिए स्पेशल समरी रिवीजन (एसआईआर) की डेडलाइन बढ़ाने पर विचार ...और पढ़ें

विशेष सघन पुनरीक्षण।
HighLights
चुनाव आयोग बढ़ा सकता है SIR की डेडलाइन
यूपी, बंगाल के मतदाताओं की लिस्ट मांगी गई
मतदाताओं को जानकारी अपडेट करने का मिलेगा समय
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विशेष सघन पुनरीक्षण ( एसआइआर ) के जरिए मतदाता सूची को शुद्धतम बनाने में जुटे चुनाव आयोग ने एसआइआर में शामिल 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है, कि मसौदा सूची जारी होने से पहले वह प्रत्येक बूथों पर पाए गए मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित व डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों से जुड़े बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा करें।
साथ ही बिहार में जिस तरह से ऐसे मतदाताओं की सूची को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड़ की गई थी, उसी तरह से सभी राज्य इसे उपलब्ध कराएं। चुनाव आयोग ने इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की ओर एसआइआर के दौरान गणना फार्म जमा करने की अवधि को बढ़ाने की मांग पर गंभीरता दिखाई है और संकेत दिया है, कि इसे एक हफ्ते के लिए बढ़ाया जा सकता है। आयोग इस पर निर्णय गुरुवार को लेगा।
आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, अगले साल जिन राज्यों में चुनाव है, उन्हें छोड़कर उनके पास अन्य सभी राज्यों में थोड़ा समय बढ़ा सकता है। फिलहाल अभी तक केरल को छोड़ दें तो सभी राज्यों में गणना फार्म भरने व जमा का तिथि 11 दिसंबर तक ही है।
चुनाव आयोग ने एसआइआर के दूसरे चरण में शामिल सभी 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश के सीईओ व डीईओ से कहा है कि वह राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों से बात करें व उन्हें बताए कि वह अपने बूथ लेवल एजेंट को इसके लिए निर्देश करें, कि यदि किसी बूथ पर किसी नाम गलत तरीके से मृत, स्थानांतरित व अनुपस्थित पाए गए मतदाताओं में शामिल है, तो वह उन्हें बूथ लेवल एजेंट को तुरंत बताए ताकि समय रहते इसे ठीक किया जा सके।
आयोग ने इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के सीईओ को निर्देश दिया है, वह हाई राइज भवनों व सोसाइटियों में रहने वाले मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए नए मतदान केंद्र को सृजित करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें तो किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता न होने पाए। आयोग ने पश्चिम बंगाल के सीईओ से 31 दिसंबर तक ऐसे मतदान केंद्रों की सूची मुहैया कराने को कहा है।
