Smart City: सभी सौ शहरों में ICCC का काम पूरा, कैमरों के जरिये ट्रैफिक, नागरिक सुविधाओं और आपराधिक घटनाओं की होगी निगरानी
शहरों को सक्षम सुविधाजनक और प्रशासनिक नजरिये से कुशल बनाने के लिए शुरू किए गए स्मार्ट सिटी मिशन ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। सभी सौ स्मार्ट शहरों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) की स्थापना के साथ शहरों को प्रशासनिक निगरानी के लिहाज से संसाधनयुक्त बनाने का उद्देश्य पूरा हो गया है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। शहरों को सक्षम, सुविधाजनक और प्रशासनिक नजरिये से कुशल बनाने के लिए शुरू किए गए स्मार्ट सिटी मिशन ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। सभी सौ स्मार्ट शहरों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) की स्थापना के साथ शहरों को प्रशासनिक निगरानी के लिहाज से संसाधनयुक्त बनाने का उद्देश्य पूरा हो गया है।
सभी सौ शहरों में आईसीसीसी की स्थापना
सभी सौ शहरों में आईसीसीसी की स्थापना का मतलब है कि ये सभी शहर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट, नागरिक सुविधाओं, चिकित्सकीय संसाधनों और आपराधिक घटनाओं की निगरानी जैसे कई कार्य एक प्लेटफार्म पर आ गए हैं, जो शहरी समस्याओं और चुनौतियों का सामना करने में मदद कर सकते हैं।
2016 में शुरू हुआ था स्मार्ट सिटी मिशन
2016 में प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर शुरू किए गए स्मार्ट सिटी मिशन की सफलता और असर को लेकर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन सभी सौ शहरों में आइसीसीसी की स्थापना शहरों को तकनीक आधारित समाधान की शक्ति प्रदान कर सकती है।
शहरी कार्य मंत्रालय में स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक शहरों की क्षमता विकास के लिहाज से यह अहम कदम है। इसके नतीजे आने वाले समय में दिखाई देंगे। हाल में गुजरात के कई शहरों में चक्रवात का सामना करने के लिए आईसीसीसी सबसे अधिक सहायक साबित हुआ।
क्या है आईसीसीसी का काम?
एक आईसीसीसी 17 से अधिक नगरीय सेवाओं को एक जगह पर ला देता है। सूरत में चक्रवात के दौरान दो हजार से अधिक कैमरों ने शहर के एक-एक हिस्से को कवर कर लिया था और इसके आधार पर नागरिकों को दिन में कई बार अपडेट और चेतावनी दी जा सकी। कई शहरों में आईसीसीसी ट्रैफिक मैनेजमेंट और इन्फोर्समेंट में सबसे अधिक उपयोगी साबित हुआ है।
अहमदाबाद में प्रतिदिन पांच सौ से अधिक ई चालान किए गए तो सड़कों पर मनमानी और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन रुका। सभी शहरों में आईसीसीसी की स्थापना इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मिशन के जरिये यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि शहरों में हो रहे कामों की एक केंद्रीय जगह से निगरानी की सके। मंत्रालय में स्थापित की गई आबजर्वेटरी यह काम कर रही है।
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