नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने आज स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार का ऐलान किया। जिसमें मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब दिया गया। जबकि दूसरे स्थान पर भी इसी प्रदेश का भोपाल शहर रहा। इस वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण को देश के 73 शहरों की 37 लाख जनसंख्या पर किया गया। जिसमें 25 स्वच्छ शहरों रैंकिंग दी गयी है।

स्वच्छ शहरों की लिस्ट में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम को तीसरा जबकि गुजरात के सूरत शहर को चौथा स्थान हासिल हुआ। पिछले वर्ष के सर्वेक्षण में पहले पायदान पर रहने वाले कर्नाटक के मैसूर शहर को इस वर्ष पांचवा स्थान मिला। टॉप 50 शहरों की लिस्ट में गुजरात के 12 शहरों को जगह मिली है। गुजरात और छत्तीसगढ़ दो ऐसे राज्य हैं, जहां स्वच्छता की रैंकिंग में सबसे ज्यादा सुधार हुआ। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने स्वच्छता को लेकर लोगों के योगदान की सराहना की। 

यह है आधार-

सर्वेक्षण में ठोस कचरा प्रबंधन, घर-घर से कूड़ा उठाव, सड़कों की सफाई, कचरे का निष्पादन, निजी व सामुदायिक शौचालय की स्थिति, सफाई को लेकर लोगों की आदतों में सुधार और सफाई को लेकर शिक्षा को आधार बनाया गया था। शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से क्वालिटी काउंसिल का गठन किया गया था।केंद्र सरकार इससे पहले दो सर्वेक्षण करा चुकी है। पहली बार सर्वेक्षण 2015 में कुल 476 शहरों का किया गया था। इसके बाद सर्वेक्षण 2016 में देश के दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले 73 शहरों का सर्वेक्षण हुआ।

इन बिंदुओं पर हुआ सर्वे

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, गली-मोहल्लों सफाई, सार्वजनिक शौचायलों में सफाई, अस्पतालों में सफाई, शहर के अंदर सफाई के लिए जागरुकता अभियान, ओडीएफ, कचरा निष्पादन, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, स्वच्छ पेयजल।

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Posted By: Kishor Joshi

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