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IndiGo Flight Updates: 750 करोड़ रुपये रिफंड, सीईओ एल्बर्स ने मंत्री को आकर दी सफाई; बीते 24 घंटे में क्या-क्या हुआ?

Published: Tue, 09 Dec 2025 10:00 PM (IST)

इंडिगो की उड़ान सेवाओं में व्यवधान के कारण संसद में मामला उठा। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इंडिगो ...और पढ़ें

कंपनी ने 750 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिफंड दिया

कंपनी ने 750 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिफंड दिया

HighLights

  1. नागरिक उड्डयन मंत्री ने इंडिगो को ठहराया जिम्मेदार

  2. इंडिगो सीईओ एल्बर्स ने मांगी यात्रियों से माफी

  3. कंपनी ने 750 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिफंड दिया

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इंडिगो की वजह से घरेलू हवाई उड़ान सेवाओं के प्रभावित होने का मामला लगातार दूसरे दिन संसद में उठा। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी मंगलवार को लोकसभा को बताया कि चाहे कोई एयरलाइन कितनी भी बड़ी क्यों ना हो, उसे नियमों की अनदेखी करने या उनकी प्लानिंग की असफलता की वजह से यात्रियों को परेशान नहीं करने दिया जाएगा।

नायडू ने इस पूरे विवाद के लिए फिर से इंडिगो को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि सख्त कार्रवाई की जाएगी। इंडिगो के सीइओ एल्बर्स को मंत्रालय को समन भी किया था जिसके बाद वह मंगलवार को नायडू से मिलने आए। वहां भी नायडू नायडू वे उन्हें यही संदेश दिया कि जो हुआ उसका हर्जाना भुगतना ही पड़ेगा। लेकिन उससे पहले यात्रियों के सभी पैसे, बैगेज आदि लौटाने संबंधी मंत्रालय के निर्देश का पालन करने को कहा।

एल्बर्स ने बताया कि स्थिति अब सामान्य हो गई है और 6 दिसंबर तक के यात्रियों के पूरे पैसे वापस किए जा चुके हैं। इंडिगो ने मंगलवार को दावा किया कि एयरलाइन अब पूरी तरह अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी है और उसके आपरेशंस अब स्थिर हो गये हैं। साथ ही कंपनी हर प्रभावित यात्री की जरूरतों को पूरा करने में जुटी हुई है।इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने मंगलवार को जारी अपने नए वीडियो संदेश में एक बार फिर यात्रियों से उन्हें हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है।

एल्बर्स ने अपने संदेश में कहा है कि, “पहले हमने अनुमान लगाया था कि 10-15 दिसंबर तक सब सामान्य हो जाएगा, लेकिन अब मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं कि आज 9 दिसंबर को ही हमारा परिचालन पूरी तरह स्थिर हो गया है। वेबसाइट पर दिख रही सभी फ्लाइट्स तय समय के साथ उड़ान भर रही हैं, हालांकि कुछ मार्गों में अभी समायोजन किया जाना बाकी है।''

उन्होंने यह भी बताया है कि जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं या विलंब हुआ है, उन्हें रिफंड देने की प्रक्रिया जारी है और यह रोजाना आधार पर हो रहा है। इंडिगो सीईओ ने बताया कि सबसे पहले प्राथमिकता यह थी कि जितने भी यात्री एयरपोर्ट पर फंसे थे, उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य या घर पहुंचाया जाए। उसके बाद रिफंड प्रक्रिया शुरू की गई। “लाखों यात्रियों को पूरा रिफंड मिल चुका है।

एयरपोर्ट पर फंसा ज्यादातर सामान भी यात्रियों के घर पहुंचा दिया गया है, बाकी बचे सामान को भी बहुत जल्द डिलीवर कर दिया जाएगा। हम हर यात्री की हर जरूरत को पूरा करने में जुटे हैं।'' नेटवर्क बहाली के बारे में उन्होंने बताया कि विगत पांच दिसंबर को सिर्फ 700 फ्लाइट्स उड़ा पाए थे, छह दिसंबर को 1,500, सात दिसंबर को 1,650 और सोमवार और मंगलवार को 1,800 से ज्यादा।

इंडिगो सीईओ का उक्त बयान आने से पहले मंगलवार को दोनों सदनों में इंडिगो की तरफ से हवाई सेवाओं के रद्द करने का मुद्दा विपक्षी दलों ने बताया। राज्य सभा में कांग्रेस की तरफ से शून्य काल में देश के नागरिक उड्डयन सेक्टर में इंडिगो के एकाधिकार का मुद्दा उठाया और सरकार को घेरने की कोशिश की।

लोकसभा में प्रश्नकाल में नागरिक उड्डयन मंत्री ने इंडिगो विवाद पर सरकार की तरफ से बयान दिया। रिफंड देने के सरकार के निर्देश का पालन भी कंपनी कर रही है और ताजी जानकारी मिलने तक 750 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि यात्रियों के खातों में पहुंच चुकी है।