भारत जल्द लाएगा राष्ट्रीय पर्यटन नीति-2022, जी-20 में देश के पर्यटन स्थलों को शोकेस करने का अहम अवसर
संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा भारत देश और दुनिया के सामने इस साल राष्ट्रीय पर्यटन नीति-2022 लाने की योजना बना रहा है। ताकि पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षित कलात्मक जिम्मेदार और सतत् विकास हो। अब तक भारत के पास कोई समग्र और व्यापक पर्यटन नीति नहीं थी।

नई दिल्ली, प्रेट्र: संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि भारत देश और दुनिया के सामने इस साल राष्ट्रीय पर्यटन नीति-2022 लाने की योजना बना रहा है। ताकि पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षित, कलात्मक, जिम्मेदार और सतत् विकास हो। अब तक भारत के पास कोई समग्र और व्यापक पर्यटन नीति नहीं थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक संपूर्ण पर्यटन नीति को मूर्तरूप दिया जाएगा।
रेड्डी ने बुधवार को पर्यटक पुलिस के राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि देश की संस्कृति, विरासत, सत्कार, लोकाचार और पर्यटन स्थलों को बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित करने का जी-20 में भारत की एक साल की अध्यक्षता एक अहम मौका होगा। अध्यक्षता की अवधि एक दिसंबर, 2022 से 30 नवंबर, 2023 तक होगी। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जी-20 सम्मेलन में आने वाले सभी 400 विदेशी मेहमान वापस जाते हुए अपने साथ भारत की खुशनुमा यादें लेते जाएं। उन्होंने कहा कि जी-20 की बैठकें पूरे देश में होंगीं। यह हमारे लिए बहुत अहम अवसर होगा जब हम उन्हें अपने पर्यटन स्थलों की खूबसूरत छटा उनके सामने पेश करें। चूंकि यह लोग कोई आम पर्यटक नहीं हैं, बल्कि विभिन्न देशों के अहम अधिकारी, मंत्री, विभिन्न एजेंसियों के प्रमुख आदि होंगे। ऐसे में हमें पर्यटकों की सुरक्षा का भी विशेष ख्याल रखना होगा। इस संबंध में जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
रेड्डी ने कहा कि कई दफा विदेशी पर्यटकों को टैक्सी ड्राइवरों, आटो चालकों के परेशान करने की शिकायतें मिलती हैं। धार्मिक व अन्य स्थलों पर चेन छीनने की वारदातें होती हैं, जो इन पर्यटकों को दहशत से भर देती हैं। इन घटनाओं से हमारे देश की छवि खराब होती है। रेड्डी ने बताया कि भारत की एक साल की अध्यक्षता के दौरान देश में जी-20 की दो सौ से अधिक बैठकें होनी हैं। इस एक साल की अवधि में पर्यटकों के साथ अच्छा बर्ताव करने के साथ ही व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखनी चाहिए। सभी विषयों पर चर्चा के अलावा पर्यटन एक अहम विषय रहने वाला है। अगर यह प्रतिनिधिमंडल भारत में अपने प्रवास का आनंद लेंगे तो वापस जाकर भारतीय संस्कृति और व्यवस्था की प्रशंसा करेंगे और इससे भारत की ख्याति और बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि जी-20 में 19 देशों (अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, टर्की, ब्रिटेन, अमेरिका) के साथ ही यूरोपीय संघ भी शामिल है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए बहुभाषी पर्यटक पुलिस, गाइड हों, विशेष एप बनें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि पर्यटक पुलिस को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उन्हें प्रमुख विदेशी भाषाएं सिखाने के अलावा गाइड को प्रशिक्षित करने, बहुभाषी एप और पर्यटक निगरानी की व्यवस्था तैयार की जाए। बिरला ने बुधवार को पर्यटक पुलिस राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि इससे विदेशी पर्यटकों की यात्रा बेहद सहज और सरल होगी। उन्हें अपनी बात बताने में कोई कठिनाई महसूस नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भारत में कई बेहतरीन स्मारक और पर्यटन स्थल हैं। लेकिन पर्यटक किसी देश में घूमने जाने का मन तभी बनाते हैं जब वहां की कानून व्यवस्था अच्छी है। असुरक्षित माहौल में कोई नहीं जाना चाहता है।
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