नई दिल्ली, एएनआइ। भारत (India) अंतरराष्ट्रीय मंच से पाकिस्तान (Pakistan) को एक बार फिर बेनकाब करेगा। 7-8 नवंबर को मेलबर्न में होने वाले काउंटर-टेरर फाइनेंसिंग (Counter-Terror Financing) पर सम्मेलन में आतंकी फंडिंग (Terror Funding) के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने में भारत कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) के नेतृत्व में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency), इंटेलिजेंस ब्यूरो (Intelligence Bureau), वित्तीय खुफिया इकाई (Financial Intelligence Unit) और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक टीम मेलबर्न में होने वाले सम्मेलन में जाएगी और रणनीतिक रूप से पड़सी देश पाकिस्तान को आंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करेगी। इस बार काउंटर-टेरर फाइनेंसिंग पर सम्मेलन मेलबर्न में हो रहा है और आतंकी फंडिंग इस बार का प्रमुख मुद्दा है।

सूत्रों के मुताबिक, इस सम्मेलन में भारत आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकियों की फंडिंग को लेकर ब्योरा पेश करेगी। इसके अलावा एनआईए की जांच रिपोर्टों, वित्तीय खुफिया इकाई और इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट के अधार पर भारत में आतंक को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान के तौर-तरीकों को उजागर करने के लिए सबूत के रूप में दिया जाएगा। 

बता दें कि हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आतंकी फंडिंग के नेटवर्क का खुलासा किया है। जिसमें 18 अलगाववादी नेताओं ने नाम सामने आए थे। एनआईए के मुताबिक पाकिस्तान उच्चायोग सीधे हवाला के साथ-साथ जेएंडके बैंक के माध्यम से आतंकियों को फंडिंग कर रह था। एनआईए का दावा है कि इस पैसे का इस्तेमाल कथित तौर पर कश्मीर में पथराव के लिए किया गया था।

वहीं, मामले में एनआईए ने अपने आरोप-पत्र में 13 आरोपियों को नामित किया है, जिसमें जमात-उद-दावा का सरगना आतंकी हाफिज मोहम्मद सईद, आतंकी संगठन हिजब-उल-मुजाहिदीन का प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन, 7 अलगाववादी नेता, 2 हवाला और कुछ पथराबजों का नाम शामिल है।

एनआइए के मुताबिक पाकिस्तान, यूएई के व्यवसायी, आइएसआइ और दिल्ली स्थित पाकिस्तान के उच्चायोग के माध्यम से इन अलगाववादियों को पैसा मुहैया कराया जा रहा था।

Posted By: Manish Pandey

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