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    भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट पर जल्द बनेगी बात! मोदी सरकार ने बनाया जबरदस्त प्लान

    वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय अधिकारियों का एक दल 17 मई से अमेरिका में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा करेगा। भारत और अमेरिका इस साल शरद ऋतु तक व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने का प्रयास कर रहे हैं। एल्युमीनियम पर अमेरिकी शुल्क और कुछ अमेरिकी उत्पादों पर भारत के जवाबी शुल्क पर भी बातचीत होगी।

    By Agency Edited By: Piyush Kumar Updated: Tue, 13 May 2025 07:31 PM (IST)
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    द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर भारत और अमेरिकी अधिकारी करेंगे बात।(फाइल फोटो)

    पीटीआई, नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों का एक दल प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ 17 मई से वॉशिंगटन में चर्चा करेगा। अपनी यात्रा के दौरान गोयल के अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर और अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक के साथ बैठक करने की उम्मीद है।

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    यह चार दिवसीय वार्ता (17-20 मई) ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश इस वर्ष शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) तक व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने से पहले 'शीघ्र पारस्परिक लाभ' सुनिश्चित करने के लिए वस्तुओं में अंतरिम व्यापार व्यवस्था की संभावना तलाश रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों के मुख्य वार्ताकार 19 से 22 मई तक बैठक करेंगे। गोयल 16 मई को वॉशिंगटन पहुंचेंगे।

    एल्युमिनियम पर अमेरिकी शुल्क के विरोध में कुछ अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने के भारत के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। इन चर्चाओं के जरिये भारत और अमेरिका के अधिकारी उच्च शुल्क पर लगी 90 दिन की रोक के भीतर आम सहमति पर पहुंचना चाहते हैं।

    अमेरिका ने भारत को दिया है 9 जुलाई तक का समय  

    अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 26 प्रतिशत शुल्क को नौ जुलाई तक के लिए निलंबित कर दिया है। बढ़ते व्यापार घाटे को पाटने के लिए दो अप्रैल को इसकी घोषणा की गई थी। हालांकि, 10 प्रतिशत का मूल शुल्क अब भी लागू है। अमेरिका लगातार चौथे साल 2024-25 में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहा। दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 131.84 अरब डॉलर रहा।

    भारत के कुल वस्तु निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 प्रतिशत और देश के कुल वस्तु व्यापार में 10.73 प्रतिशत रही। भारत का अमेरिका के साथ 2024-25 में वस्तुओं के मामले में व्यापार अधिशेष (आयात और निर्यात के बीच का अंतर) 41.18 अरब डॉलर था।

    वित्त वर्ष 2023-24 में यह 35.32 अरब डॉलर, 2022-23 में 27.7 अरब डालर, 2021-22 में 32.85 अरब डालर और 2020-21 में 22.73 अरब डॉलर था। अमेरिका ने इस बढ़ते व्यापार घाटे पर चिंता जाहिर की है।

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