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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बांग्लादेश के एक्शन पर भारत का सख्त रिएक्शन, बॉर्डर फेंसिंग को लेकर हाईकमीश्नर किए गए तलब

By Agency Edited By: Mahen Khanna
Published: Mon, 13 Jan 2025 03:14 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 13 Jan 2025 03:56 PM (GMT+05:30)

भारत सरकार ने बांग्लादेश के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। बॉर्डर पर फेंसिंग विवाद को लेकर कल बांग्लादेश ने भारत ...और पढ़ें

भारत सरकार ने बांग्लादेश के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया। (फोटो- एएनआई)
भारत सरकार ने बांग्लादेश के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया। (फोटो- एएनआई)

एजेंसी, नई दिल्ली। बांग्लादेश के एक्शन के बाद अब भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बॉर्डर पर फेंसिंग विवाद को लेकर कल बांग्लादेश ने भारत से हाईकमीश्नर को बुलाया था। अब बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त नूरल इस्लाम को विदेश मंत्रालय ने समन भेज बुलाया है। वो साउथ ब्लॉक से रवाना हो गए हैं। 

बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने भारतीय हाईकमिश्नर प्रणय वर्मा को बुलाकर BSF की तरफ से की जा रही फेंसिंग (बाड़) को गैरकानूनी बताया था।

नूरल इस्लाम हुए रवाना

विदेश मंत्रालय द्वारा बुलाए जाने के बाद भारत में बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त नूरल इस्लाम साउथ ब्लॉक से रवाना हो गए। बांग्लादेश के एक्शन पर भारत ने कड़ा रुख दिखाया है।

बांग्लादेश ने लगाया ये आरोप

रविवार को बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया, क्योंकि आरोप है कि भारत 4156 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेशी सीमा पर पांच खास जगहों पर बाड़ लगाने की कोशिश कर रहा है।

बांग्लादेश ने कहा कि ये कार्य सीमा गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन है। वर्मा कल स्थानीय समयानुसार दोपहर 3 बजे ढाका स्थित विदेश मंत्रालय मुख्यालय पहुंचे। सरकारी बांग्लादेश संवाद संस्था (बीएसएस) समाचार एजेंसी के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश सचिव जशीम उद्दीन के साथ उनकी बैठक लगभग 45 मिनट तक चली।

बैठक के बाद वर्मा ने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच सीमा पर सुरक्षा के लिए बाड़ लगाने के संबंध में सहमति है। हमारे दो सीमा सुरक्षा बल- बीएसएफ और बीजीबी (सीमा सुरक्षा बल और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश) - इस संबंध में संवाद कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस सहमति को लागू किया जाएगा और सीमा पर अपराधों से निपटने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।