'हर पांच साल में भारत को बसाना होगा एक शिकागो', नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने शहरीकरण पर दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली में रायसीना डायलॉग में नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि भारत को अगले 50 वर्षों में 50 करोड़ लोगों के शहरीकरण के लिए दो अमेरिका के बराबर नए शहर बनाने होंगे। उन्होंने शहरी विकास और नवाचार को आर्थिक समृद्धि की कुंजी बताया। वहीं आयरलैंड और यूएई के मंत्रियों ने भारत से मजबूत व्यापारिक संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित किया।

एएनआई, नई दिल्ली। नीति आयोग के पूर्व सीईओ और जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने भारत के शहरीकरण के लिए स्थायी शहरों के निर्माण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ''यह जानना महत्वपूर्ण है कि शहर विकास और नवाचार के केंद्र हैं और ये ही समृद्धि के केंद्र हैं। अगले पांच दशक में शहरों में 50 करोड़ अतिरिक्त लोग बढ़ जाएंगे।"
कांत बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग में एक पैनल चर्चा के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इसलिए अगर भारत अगले पांच दशकों में 500 मिलियन यानी 50 करोड़ लोगों को शहरीकरण की प्रक्रिया में देखना चाहता है तो इसका मतलब है कि भारत के लिए चुनौती अगले पांच दशकों में दो अमेरिका बनाने की है। यानी भारत को हर पांच साल में एक नया शिकागो बनाना होगा।
उन्होंने आगे कहा, ''आपको मौजूदा शहरों का पुनर्विकास करना होगा। मिसाल के लिए आज मुंबई की जीडीपी 18 भारतीय राज्यों की जीडीपी से अधिक है। उत्तर प्रदेश के एक शहर गौतम बुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) की जीडीपी उत्तर प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर कानपुर से 12 गुना अधिक है। यह वही विकास है, वही जीडीपी है, वही नवाचार है, वही रोजगार सृजन है जो नए शहर करेंगे।''
आयरलैंड और यूएई के मंत्रियों ने क्या कहा?
आयरलैंड के उच्च शिक्षा मंत्री जेम्स लालेस ने यूरोपीय संघ और भारत के बीच मजबूत व्यापारिक संबंधों पर जोर दिया, जो अमेरिका के साथ संभावित व्यापार युद्ध के बावजूद फल-फूल रहे हैं। लालेस ने कहा कि यूरोपीय संघ के पास 450 मिलियन लोगों का एक विशाल मुक्त बाजार है जो विभिन्न उत्पादों के आयात में मदद करता है। यूरोपीय संघ के 70 देशों के साथ व्यापार समझौते हैं, जिन पर कोई शुल्क नहीं है।
संयुक्त अरब अमीरात की विदेश मामलों की मंत्री नूरा विंत मोहम्मद अल काबी ने भारत और यूएई के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जो व्यापार और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि यूएई और भारत के संबंध सैकड़ों साल पुराने हैं। भारतीय मसालों ने हमारे भोजन को स्वादिष्ट बनाया। यूएई में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा है, जिसे हम संजोते हैं। यूएई एक कर मुक्त क्षेत्र है और हम युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए टैलेंट वीजा या गोल्डन वीजा की पेशकश कर रहे हैं।''
देश तभी समृद्ध होते जब वे स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करते: नशीद
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान में क्लाइमेट वल्नरेबल फोरम और वी20 के महासचिव मोहम्मद नशीद ने इस बात पर जोर दिया कि देश तभी समृद्ध होते हैं जब वे स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
नशीद ने कहा, ''मुझे लगता है कि सबसे पहले हमें यह समझना और विश्वास करना चाहिए कि जलवायु परिवर्तन से केवल छोटा मालदीव प्रभावित नहीं हो रहा है, बल्कि हर कोई प्रभावित हो रहा है। जो मालदीव के साथ होता है, वह बड़े देशों में दोगुना होता है। इसलिए हर देश जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील है। प्रकृति की देखभाल विकसित देशों का कर्तव्य होना चाहिए, यही समृद्धि का आधार है।''
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