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    अब और पुख्ता होगी भारत की समुद्री सीमा की सुरक्षा, 15 समुद्री विमान सहित 84,560 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मिली मंजूरी

    By Agency Edited By: Mahen Khanna
    Updated: Fri, 16 Feb 2024 02:23 PM (IST)

    भारत सरकार देश के रक्षा कवच को और पुखता बनाने में जुटी है। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 9 समुद्री निगरानी विमान और भारतीय तटरक्षक बल के लिए 6 समुद्री गश्ती विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। रक्षा सूत्र की माने तो 15 समुद्री गश्ती विमान मेड इन इंडिया सी-295 परिवहन विमान पर बनाए जाएंगे और परियोजनाओं की लागत लगभग 29000 करोड़ रुपये है।

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    समुद्री गश्ती विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी

    एजेसीं, नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार देश के रक्षा कवच को और पुखता बनाने में लगी है। इसके लिए बड़े-बड़े रक्षा सौदें भी किए जा रहे हैं। इस कड़ी में रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 9 समुद्री निगरानी विमान और भारतीय तटरक्षक बल के लिए 6 समुद्री गश्ती विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

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    रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों की समग्र लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए बहुद्देश्यीय समुद्री विमान सहित 84,560 करोड़ रुपये के सैन्य उपकरण की खरीद को शुक्रवार को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने इन खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी। डीएसी ने जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी है उनमें नई पीढ़ी की टैंक रोधी माइंस (एंटी टैंक), वायु रक्षा सामरिक नियंत्रण रडार, भारी वजन वाले टारपीडो, मध्यम दूरी की समुद्री टोही व बहुद्देश्यीय समुद्री विमान, फ्लाइट रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट तथा साफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो शामिल हैं।

    रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए नौ समुद्री टोही विमान और भारतीय तटरक्षक बल के लिए छह समुद्री गश्ती विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।रक्षा मंत्रालय ने बताया कि डीएसी ने भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की निगरानी और हस्तक्षेप क्षमताओं को मजबूत करने के लिए मध्यम दूरी के समुद्री टोही विमानों और बहुद्देश्यीय समुद्री विमानों की खरीद को मंजूरी दी है।

    वायु रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के उद्देश्य से वायु रक्षा सामरिक नियंत्रण रडार की खरीद के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। यह विशेष रूप से धीमी, छोटी और कम उड़ान वाले लक्ष्यों का पता लगाने की क्षमताओं को मजबूत करेगा। बयान में कहा गया कि डीएसी ने भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं और पहुंच को बढ़ाने के लिए फ्लाइट रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट की खरीद के लिए मंजूरी दे दी।

    रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 में संशोधन को मंजूरी

    एक अनुकूल रक्षा स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए भी डीएसी ने पहल किया है। रक्षा अधिग्रहण परिषद ने उत्कृष्टता के लिए नवाचार और स्टार्ट-अप व सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम से उन्नत तकनीकों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत बेंचमार्किंग, लागत गणना, भुगतान अनुसूची और खरीद की मात्रा तय की जाती है। यह रक्षा क्षेत्र में नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास योजनाओं के तहत स्टार्ट-अप और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के लिए एक व्यावसायिक वातावरण के साथ-साथ बहुत आवश्यक प्रोत्साहन प्रदान करेगा। यह वास्तव में ईज आफ डूइंग की भावना से प्रेरित होगा।