India-Maldives Row: मालदीव में अपने सैन्यकर्मी बदलेगा भारत, दोनों देशों के बीच बनी सहमति
मालदीव स्थित उड्डयन प्लेटफार्मों से भारत अपने सैन्यकर्मियों को बदलने को तैयार हो गया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में भारत व मालदीव के बीच गठित उच्चस्तरीय कोर समूह की बैठक में इस बारे में सहमति बनी है। मालदीव सरकार की तरफ से बताया गया है कि 10 मई 2024 तक मालदीव स्थित तीनों उड्डयन प्लेटफार्म से भारत अपने सैनिकों को बदल देगा।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मालदीव स्थित उड्डयन प्लेटफार्मों से भारत अपने सैन्यकर्मियों को बदलने को तैयार हो गया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में भारत व मालदीव के बीच गठित उच्चस्तरीय कोर समूह की बैठक में इस बारे में सहमति बनी है। मालदीव सरकार की तरफ से बताया गया है कि 10 मई, 2024 तक मालदीव स्थित तीनों उड्डयन प्लेटफार्म से भारत अपने सैनिकों को बदल देगा।
असैनिक कर्मचारियों व पदाधिकारियों से बदला जाएंगे कर्मी
माना जा रहा है कि भारत इन प्लेटफार्मों का संचालन असैनिक कर्मचारियों व पदाधिकारियों की मदद से करेगा। इसके लिए भारत सेना से सेवानिवृत्त कर्मियों की भी सेवा ले सकता है।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने पिछले वर्ष वहां राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भारत की तरफ से निर्मित व संचालित इन उड्डयन प्लेटफार्मों से भारतीय सैन्यकर्मियों की वापसी को राजनीतिक मुद्दा बनाया था। इसके आधार पर ही उन्हें विजय हासिल हुई थी। राष्ट्रपति बनने के बाद भी मुइज्जू ने लगातार इसकी मांग की। मुइज्जू घोषित तौर पर चीन समर्थक नेता हैं।
विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय कोर समूह की बैठक के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हो गए हैं कि मालदीव की जनता की सेवा के लिए बनाए गए प्लेटफार्मों पर भारतीय सर्विस को जारी रखने के लिए दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान निकाला जाएगा। यह समाधान क्या होगा, इस बारे में भारतीय पक्ष ने कुछ नहीं कहा है। इसकी जानकारी मालदीव के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी सूचना से मिली है।
भारत सरकार ने जताई सहमति
इसके मुताबिक, भारत सरकार इस बात के लिए तैयार हो गई है कि वह अपने तीनों उड्डयन प्लेटफार्म में से एक प्लेटफार्म से अपने सैन्यकर्मियों को 10 मार्च, 2024 तक बदल देगी। 10 मई, 2024 तक सभी सैन्यकर्मियों को बदल दिया जाएगा।भारत की तरफ से निर्मित इन प्लेटफार्मों पर तकरीबन 75 भारतीय सैन्यकर्मी काम करते हैं। यहां से दो हेलीकाप्टर और एक डोर्नियर विमान का संचालन होता है।
मामले से जुड़े लोगों ने बताया है कि भारत कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। एक विकल्प यह है कि अनुभवी सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों की नियुक्ति वहां की जाए। एक विकल्प यह भी है कि इस पेशे में प्रशिक्षित सामान्य भारतीय नागरिकों की नियुक्ति वहां की जाए। कोर समूह की अगली बैठक माले में होगी, जिसमें अंतिम फैसला होने की संभावना है। कोर समूह की पहली बैठक 14 जनवरी को हुई थी।
मुइज्जू का रवैया पूरी तरह से भारत विरोधी
सनद रहे कि गुरुवार को भारत सरकार की तरफ से पेश अंतरिम बजट में मालदीव के लिए आर्थिक मदद बढ़ाने का प्रविधान है। उधर, राष्ट्रपति बनने के बाद से ही मुइज्जू का रवैया पूरी तरह से भारत विरोधी है। चीन की यात्रा करने के बाद उनकी सरकार ने चीन के एक टोही जहाज को मालदीव के समुद्री तट का दौरा करने की भी अनुमति दी है। भारत इसको लेकर सतर्क है। वैसे मुइज्जू की इन नीतियों का घरेलू स्तर पर भी काफी विरोध हो रहा है।
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