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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

म्यांमार की आपदा में संकटमोचक बना भारत, आगरा से भेजे जाएंगे फील्ड अस्पताल; ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू

By Agency Edited By: Chandan Kumar
Published: Sat, 29 Mar 2025 06:30 PM (IST)

भारत ने म्यांमार में भूकंप प्रभावित क्षेत्रों की मदद के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्म’ शुरू किया है। इसके तहत दो नौसैनिक ...और पढ़ें

'ऑपरेशन ब्रह्म' के तहत भारत ने म्यांमार में राहत और बचाव कार्य के लिए चिकित्सा दल भेजे।
'ऑपरेशन ब्रह्म' के तहत भारत ने म्यांमार में राहत और बचाव कार्य के लिए चिकित्सा दल भेजे।

HighLights

  1. भारत ने म्यांमार में भूकंप राहत के लिए दो नौसैनिक जहाज भेजे।
  2. 118 सदस्यीय चिकित्सा दल और फील्ड हॉस्पिटल को किया जाएगा एयरलिफ्ट।
  3. NDRF की टीम आधुनिक उपकरणों के साथ राहत कार्य में जुटी।

पीटीआई, नई दिल्ली। भारत ने म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्म’ के तहत दो नौसैनिक जहाज भेजे हैं। इसके अलावा, एक फील्ड हॉस्पिटल को भी शनिवार को एयरलिफ्ट किया जाएगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने यह जानकारी दी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस मानवीय सहायता अभियान के तहत दो और भारतीय नौसैनिक जहाज जल्द ही म्यांमार के लिए रवाना किए जाएंगे। इसके अलावा, एक फील्ड हॉस्पिटल भी विमान के जरिए भेजा जा रहा है, जिसमें 118 सदस्यीय चिकित्सा दल शामिल होगा। यह दल आगरा से शनिवार को म्यांमार के लिए प्रस्थान करेगा।

NDRF की टीम भी राहत कार्यों में जुटी

‘ऑपरेशन ब्रह्म’ के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम को भी तैनात किया जा रहा है। यह टीम भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस है, जिनमें मजबूत कंक्रीट कटर, ड्रिल मशीनें, हथौड़े और प्लाज्मा कटिंग मशीनें शामिल हैं।

अगले 24-48 घंटे महत्वपूर्ण: NDRF अधिकारी

गाजियाबाद स्थित 8वीं NDRF बटालियन के कमांडेंट पीके तिवारी इस शहरी खोज और बचाव (USAR) टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। NDRF के उप महानिरीक्षक (ऑपरेशंस) मोहसिन शहेदी ने प्रेस वार्ता में बताया कि अगले 24 से 48 घंटे राहत कार्यों के लिए बेहद अहम होंगे। इस दौरान टीम को सक्रिय रूप से राहत कार्यों में जुटना होगा, जिससे अधिकतम लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।

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