Stapled Visa: चीन के स्टेपल वीजा जारी करने पर भारत ने लगाई लताड़, अरिंदम बागची बोले- ये अस्वीकार्य है
अरुणाचल प्रदेश के कुछ लोगों को स्टेपल वीजा जारी करने पर विदेश मंत्रालय ने इसका कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि हमारे कुछ खिलाड़ियों को चीन में एक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धा के लिए स्टेपल वीजा जारी किया गया। ये अस्वीकार्य है। हमने इस मामले में चीन को अपना मजबूत विरोध दर्ज कराया है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अरूणाचल प्रदेश के खिलाडि़यों को चीन की तरफ से विशेष स्टेपल वीजा देने के मुद्दे पर भारत ने अपना कड़ा प्रतिरोध जताया है। भारत ने कहा है कि चीन का यह रवैया पूरी तरह से अस्वीकार्य है और उसके पास इस तरह के कदम का सही तरीके से विरोध करने का अधिकार है।
चीन ने तीन खिलाड़ियों को दिया विशेष वीजा
चीन के चेंगडू राज्य में आयोजित हो रहे वर्ल्ड यूनिवर्सिटी खेल में हिस्सा लेने के लिए जिस भारतीय दल को भेजा गया है उसमें अरूणाचल प्रदेश के तीन वुशु खिलाड़ी थे। चीन ने इन तीनों को विशेष वीजा दिया था, जबकि शेष भारतीय खिलाडि़यों को सामान्य वीजा दिया गया है। माना जा रहा है कि भारत ने इसका विरोध करते हुए अपनी वुशु टीम को चीन नहीं भेजने का फैसला किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?
इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि हमारे संज्ञान में यह बात सामने आई है कि चीन एक खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए जाने वाले भारतीय खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा दिया गया है जो भारत को स्वीकार्य नहीं है। हमन चीनी पक्ष के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। भारत के पास इस तरह के कदम को लेकर कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि
भारत का यह पुराना मत है कि किसी भी क्षेत्रीयता या किसी दूसरे आधार पर भारतीय नागरिकों को वीजा देने में कोई भेदभाव नहीं होनी चाहिए।
पहले भी भारत उठा चुका है वीजा का मुद्दा
यह पहला मौका नहीं है जब चीन ने अरूणाचल प्रदेश के लोगों को अलग से वीजा देने का कदम उठाया है। चीन का तर्क होता है कि अरूणाचल प्रदेश उसके दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है इसलिए वह उन्हें अलग से वीजा देता है। भारत ने पूर्व में भी उसके इस तर्क को खारिज किया है।
बाली में हुई थी मोदी व चिनफिंग की मुलाकात
तकरीबन आठ महीने बाद विदेश मंत्रालय ने यह स्वीकार किया है कि जी-20 देशों की दिसंबर, 2022 में बाली में हुई शिखर सम्मेलन में पीएम नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच सीमा विवाद को लेकर भी चर्चा हुई थी।
अभी तक विदेश मंत्रालय यह बताता रहा है कि तब मोदी व चिनफिंग के बीच रात्रिभोज के दौरान सिर्फ औपचारिक अभिवादन हुआ था। प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा कि दोनो नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर बनाने को लेकर बात हुई थी।
अजीत डोभाल ने की थी चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात
मालूम हो कि पिछले सोमवार दक्षिण अफ्रीका में एनएसए अजीत डोभाल की चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात हुई थी। इसके बाद चीन की तरफ से एक सूचना जारी की गई थी जिसमें इस बात का जिक्र था कि बाली में मोदी और चिनफिंग के बीच बनी सहमित के आधार पर रिश्तों को सुधारने की आगे भी कोशिश होगी।
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