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वैश्विक साइबर सुरक्षा हब बना भारत, 400 से ज्यादा स्टार्टअप कर रहे काम; पूरी रिपोर्ट

By RAJEEV KUMAREdited By: Deepak Gupta
Published: Thu, 30 Oct 2025 11:30 PM (IST)

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के अनुसार, भारत एक वैश्विक साइबर सुरक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहाँ 400 ...और पढ़ें

भारत वैश्विक साइबर सुरक्षा हब बना।

भारत वैश्विक साइबर सुरक्षा हब बना।

HighLights

  1. भारत वैश्विक साइबर सुरक्षा हब बन रहा

  2. 400 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय

  3. साइबर अपराध से 23,000 करोड़ का नुकसान

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय से जुड़ी एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) के मुताबिक भारत दुनिया में साइबर सुरक्षा के हब के रूप में उभर रहा है। सीईआरटी का दावा है कि भारत में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में 400 से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं और भारत में साइबर सुरक्षा से जुड़े कुशल प्रोफेशनल्स की संख्या 6.5 लाख से अधिक हो गई है।

भारत में साइबर सुरक्षा का कारोबार 20 अरब डालर से अधिक का हो चला है। भारत में साइबर सुरक्षा से जुड़े स्टार्टअप्स से लेकर कुशल प्रोफेशनल्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। साइबर सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। देश के कई प्रौद्योगिकी संस्थानों में साइबर सुरक्षा से जुड़ी सैकड़ों परियोजनाओं पर अनुसंधान किया जा रहा है।

साइबर सुरक्षा के मद में 782 करोड़ रुपए का आवंटन

चालू वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में साइबर सुरक्षा के मद में 782 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। इन वजहों से सीईआरटी का मानना है कि भारत साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी पूरी दुनिया की मदद कर सकता है। सीईआरटी का कहना है कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के प्रयासों को विश्व आर्थिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) ने भी सराहा है और भारत के कोपरेटिव बैंकों को साइबर हमलों से बचाने के लिए किए गए प्रयासों का डब्ल्यूईएफ ने दुनिया के समक्ष जिक्र भी किया है।

भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में दुनिया में पहले स्थान पर

जानकारों का कहना है कि डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है और भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कई विकसित देशों से भी बेहतर है। ऐसे में, भारत में डिजिटल अपराध की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। डाटालिड्स के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में भारत में साइबर अपराध की वजह से 23,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ जो वर्ष 2023 के मुकाबले 10 गुना अधिक है। वर्ष 2024 में साइबर अपराध से जुड़ी लगभग 20 लाख शिकायतें दर्ज की गईं।

सीईआरटी का भी मानना है कि साइबर अपराध की संख्या बढ़ती ही जाएगी। सीईआरटी के मुताबिक वर्ष 2024 में भारत में रैंस्मवेयर की 147 घटनाएं हुईं। जानकारों का कहना है कि एआई की मदद से रियल टाइम आधार पर मालवेयर व अन्य बग को पकड़ने में मदद मिल रही है। एआई के इस्तेमाल के लिए सीईआरटी फ्रांस के नेशनल साइबर सिक्युरिटी एजेंसी के साथ इस दिशा में काम कर रहा है।