विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जयशंकर-जोली की वार्ता से कम हुई भारत-कनाडा के रिश्ते की खटास, अमेरिका में दोनों नेताओं ने की थी गुप्त बैठक

By AgencyEdited By: Anurag Gupta
Published: Wed, 11 Oct 2023 10:25 PM (GMT+05:30)

खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के संबंधों में पैदा हुए गतिरोध पर ...और पढ़ें

विदेश मंत्री एस. जयशंकर (फोटो: एएफपी)
विदेश मंत्री एस. जयशंकर (फोटो: एएफपी)

HighLights

  1. दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने गुप्त बैठक पर टिप्पणी से किया इनकार
  2. सितंबर में पांच दिवसीय अमेरिकी दौरे पर गए थे जयशंकर

पीटीआई, नई दिल्ली। खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के संबंधों में पैदा हुए गतिरोध पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी कनाडाई समकक्ष मेलनी जोली के बीच गुप्त वार्ता हुई थी। यह वार्ता सितंबर में जयशंकर के अमेरिका दौरे के समय वाशिंगटन में हुई थी।

इस वार्ता में जयशंकर ने भारत के पक्ष को स्पष्ट किया और उसी के बाद कनाडा का रुख बदलने लगा और वहां के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के सुर बदल गए। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आई है।

यह भी पढ़ें: इजरायल में फंसे है केरल के 7,000 लोग, CM पिनराई विजयन ने विदेश मंत्री जयशंकर को लिखा पत्र

दोनों देशों के रिश्तों में आई कड़वाहट

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के संबंध इस हद तक बिगड़ गए थे कि भारत ने कनाडा से आने वालों के लिए वीजा पर रोक लगा दी थी।

साथ ही भारत ने नई दिल्ली में स्थित कनाडा के दूतावास से राजनयिकों की संख्या कम करने के लिए कह दिया था। इसके चलते कनाडा को 62 राजनयिकों में से तीन दर्जन से ज्यादा को नई दिल्ली से स्थानांतरित करना था। इनमें से कुछ राजनयिकों को नई दिल्ली से स्थानांतरित भी कर दिया गया है, लेकिन दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की वार्ता के बाद संबंधों की कड़वाहट कम हुई है और अब राजनयिकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया धीमी हो गई है।

यह भी पढ़ें: आर्थिक योगदान के मामले में गुजरात भारत का अगुआ, बोले विदेश मंत्री जयशंकर; एक भी ऐसा देश नहीं जहां गुजराती नहीं

भारत-कनाडा के बीच हुई गुप्त बैठक 

इस गुप्त बैठक के संबंध में भारत और कनाडा के विदेश मंत्रालयों ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि जयशंकर ने सितंबर के अंतिम दिनों में पांच दिनों का अमेरिका का दौरा किया था।