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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब नेपाल और भूटान के लोग बिना पासपोर्ट या वीजा के आ सकेंगे भारत, गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश

Published: Tue, 02 Sep 2025 11:04 PM (IST)

भारत सरकार ने नेपाल और भूटान के नागरिकों को बड़ी राहत दी है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार इन देशों के ...और पढ़ें

अब नेपाल और भूटान के लोग बिना पासपोर्ट या वीजा के आ सकेंगे भारत
अब नेपाल और भूटान के लोग बिना पासपोर्ट या वीजा के आ सकेंगे भारत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत सरकार ने दो पड़ोसी देशों के नागरिकों को राहत देते हुए उनकी भारत नें एंट्री को आसाम कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत, नेपाल और भूटान के नागरिकों को भारत में वीजा या पासपोर्ट के बिना एंट्री की इजाजत दी गई है।

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "नेपाल या भूटान के नागरिक जो नेपाल या भूटान सीमा पर जमीन या हवाई मार्ग से भारत में प्रवेश करते हैं, उन्हें भारत में प्रवेश के लिए पासपोर्ट या वीजा की आवश्यकता नहीं है।"

एंट्री के लिए आवश्यक दस्तावेजों की लिस्ट 

  • नेपाली/भूटानी पासपोर्ट
  • नेपाली/भूटानी नागरिकता प्रमाणपत्र
  • नेपाल/भूटान के चुनाव आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र
  • आवश्यकता पड़ने पर भारत में नेपाली मिशन/रॉयल भूटानी मिशन द्वारा जारी सीमित वैधता वाला फोटो पहचान पत्र।
  • 10-18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए, स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र, बशर्ते उनके साथ वैध यात्रा दस्तावेज वाले माता-पिता हों। 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ऐसे किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है।

कब साथ रखना होगा पासपोर्ट?

इसमें स्पष्ट किया गया है कि नेपाल या भूटान के नागरिक को नेपाल/भूटान के अलावा किसी अन्य स्थान से भारत में प्रवेश करते समय पासपोर्ट रखना होगा। इस प्रावधान में उन तिब्बतियों को भी शामिल किया गया है जो पहले से ही भारत में हैं या जो देश में प्रवेश कर रहे हैं, बशर्ते कि वे नामित अधिकारियों के पास रजिस्टर्ड हों और उनके पास वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट हों।

किन पर लागू होना नियम?

यह उन लोगों पर लागू होता है जो 1959 के बाद लेकिन 30 मई, 2003 से पहले काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी विशेष प्रवेश परमिट का इस्तेमाल करके भारत में प्रवेश कर चुके हैं, साथ ही उन लोगों पर भी लागू होता है जो 30 मई, 2003 के बाद, अधिनियम के प्रभावी होने की तिथि तक, दूतावास से प्राप्त नए विशेष प्रवेश परमिट का उपयोग करके और केंद्र द्वारा निर्दिष्ट भारत-नेपाल सीमा पर इमिग्रेशन पोस्ट से होकर भारत में आए हैं।

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