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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IMA ने बाबा रामदेव के खिलाफ पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- गलत सूचना के प्रसार को रोका जाए

By Arun Kumar SinghEdited By:
Published: Wed, 26 May 2021 06:16 PM (IST)Updated: Wed, 26 May 2021 11:34 PM (IST)

पीएम नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में आइएमए ने कहा कि पतंजलि के मालिक रामदेव के टीकाकरण पर गलत सूचना ...और पढ़ें

आइएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) और पतंजलि के मालिक और योगगुरु रामदेव
आइएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) और पतंजलि के मालिक और योगगुरु रामदेव

नई दिल्ली, एएनआइ। योग गुरु रामदेव और आइएमए के बीच आयुर्वेद और एलोपैथी समेत कई विषयों पर आरोप- प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में आइएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने कहा कि पतंजलि के मालिक और योगगुरु रामदेव के टीकाकरण पर गलत सूचना के प्रचार को रोका जाना चाहिए। एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी 10,000 डॉक्टर और लाखों लोग मारे गए हैं। उन पर देशद्रोह के आरोपों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।  

बता दें कि इंटरनेट मीडिया पर वायरल एक वीडियो का हवाला देते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा कि रामदेव ने एलोपैथी चिकित्सा को मूर्खतापूर्ण विज्ञान बताया है। उनका कहना है कि रेमडेसिविर, फेविफ्लू और भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा स्वीकृत अन्य दवाएं कोरोना मरीजों का इलाज करने में नाकाम साबित हुई हैं। डाक्टरों की संस्था के अनुसार, रामदेव ने दावा किया है कि एलोपैथिक दवाएं खाने से लाखों मरीजों की मौत हुई है। हालांकि, पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट ने इन टिप्पणियों को गलत करार दिया है।

रामदेव को लिखे पत्र में हर्षवर्धन ने उनसे बयान वापस लेने को कहा था। उन्होंने कहा था कि यह टिप्पणी कोरोना योद्धाओं का अपमान है और इससे देश की भावनाएं आहत हुई हैं। आपके बयान से स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल टूटेगा और कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई कमजोर होगी। रामदेव ने कहा कि डॉक्टर हर्षवर्धन जी आपका पत्र प्राप्त हुआ है, उसके संदर्भ में चिकित्सा पद्दतियों के संघर्ष के इस पूरे विवाद को खेदपूर्वक विराम देते हुए मैं अपना बयान वापस लेता हूँ।

रामदेव की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : डॉ. हर्षवर्धन

रामदेव को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि एलोपैथिक दवाओं ने करोड़ों लोगों की जिंदगी बचाई है और इससे लाखों लोगों के मारे जाने की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आज अगर देश में कोरोना से मृत्यु दर सिर्फ 1.13 प्रतिशत और रिकवरी रेट 88 प्रतिशत से अधिक है तो उसके पीछे एलोपैथी और उसके डाक्टरों का अहम योगदान है। हर्षवर्धन ने कहा था कि आपको पता होना चाहिए कि चेचक, पोलियो, इबोला, सार्स और टीबी जैसे गंभीर रोगों का निदान एलोपैथी ने ही किया है।