नई दिल्ली, अनुराग मिश्र। देश भर के आईआईटी अपने-अपने तरीके से नए शोधों के माध्यम से कोरोना से लड़ाई लड़ने में लगे हैं। पहले शोध के दौरान इस बात पर जोर था कि कोरोना से फौरी तौर पर कैसे राहत दिलाई जाए। कैसे सेनिटाइजर, वेंटिलेटर और फिजिकल डिस्टैंसिंग के मूलभूत माध्यमों को उपलब्ध कराया जाए। पर अब रिसर्च में इस बात पर भी प्रमुखता से जोर दिया जा रहा है कि लॉकडाउन के बाद जब लोग घर से बाहर होंगे तो किन बातों का ख्याल रखा जाना चाहिए, ताकि कोरोना के संक्रमण से बचा जाए। इसी फेहरिस्त में आईआईटी मद्रास ने एक ऐसी डिवाइस का निर्माण किया है, जो कोरोना के लक्षण बताने में मददगार साबित होगी।

आईआईटी मद्रास के इनक्यूबेटेड स्टॉर्ट-अप ने एक कलाई आधारित ट्रैकर विकसित किया है, जो त्वचा का तापमान, हृदय गति, ब्लड- ऑक्सीजन सेचुरेशन आदि के बारे में जानकारी देगा। यह डिवाइस लगातार शरीर पर नजर रखेगा, ताकि कोरोना के लक्षण के बारे में समय से जानकारी मिल सकें। इस ट्रैकर में ब्लूटूथ लगा हुआ है। इसे म्यूज हेल्थ एप के द्वारा मोबाइल फोन से कनेक्टेड किया जा सकता है। इससे तापमान, हृदय गति और एक्टिविटी जैसे कि दौड़ना, सीढ़ी चढ़ना आदि फोन पर भी रिकॉर्ड हो सकते हैं।

आरोग्य सेतु से जुड़ा है ऐप

यह ट्रैकर आरोग्य सेतु ऐप से लगातार नोटिफिकेशन ले सकता है। इससे यूजर जब कंटेनमेंट जोन में प्रवेश करेगा तो उसको पहले ही अलर्ट आ जाएगा। स्टॉर्ट-अप को उम्मीद है कि आने वाले 15 दिनों में यह प्रोडक्ट बाजार में होगा। मौजूदा हालात को देखते हुए यह ट्रैकर काफी प्रभावकारी साबित हो सकता है।

कंज्यूमेक्स इंडस्ट्रीज की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और हार्डवेयर इंजीनियरिंग की हेड के. प्रत्यूषा, जो म्यूज वीयरेबल्स ब्रांड देखती है उनका कहना है कि इस डिवाइस का मुख्य मकसद कोरोना से बचाव करना है। हम कोविड पीड़ित रोगियों की पहचान कर उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि तापमान, ब्लड-ऑक्सीजन सेचुरेशन की लगातार मॉनिटरिंग कर हम समय से कोरोना के लक्षण पता लगा सकते हैं। यह आम लोगों की हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए भी काफी उपयोगी है।

कंज्यूमेक्स इंडस्ट्रीज के सीपीओ अजय यतींद्र का कहना है कि हमारे म्यूज हेल्थ ऐप में यह क्षमता है कि यह अन्य एप से नोटिफिकेशन ले सके और हमारे ट्रेकर को भेज सके। नोटिफिकेशन के बाद ट्रेकर वाइब्रेट करेगा और एलईडी के द्वारा यूजर को अपडेट करेगा। इससे यूजर को आरोग्य सेतु एप के भी नोटिफिकेशन मिलेंगे। इससे वे कोरोना से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी पा सकेंगे।

कंज्यूमेक्स इंडस्ट्रीज के सीटीओ जॉर्ज फ्रांसिस का कहना है कि हमने बैकएंड का भी निर्माण किया है। इसका फायदा यह है कि अगर यूजर कोई इमरजेंसी अलर्ट जारी करता है तो इसे टेलीकंसलटेशंस द्वारा फॉलो किया जाएगा। हम हर यूजर की डिजिटल हेल्थ आईडी बना रहे हैं, जिससे वे डाटा को चिकित्सक आदि से शेयर कर सकें। उन्होंने कहा कि ट्रेकर का मकसद कोरोना रोगियों की मॉनिटरिंग करना और उन्हें सस्ता विकल्प उपलब्ध कराना है।

आईआईटी मद्रास इनक्यूबेशन सेल (आईटीएमईसी) की सीईओ डॉक्टर तामस्वती घोष का कहना है कि आईटीएमईसी लगातार अपने स्टॉर्ट-अप को सहायता देने का काम कर रहा है। हमें इस बात पर गर्व है कि हमारे कई उत्पाद कोरोना से लड़ाई में खासे कारगर साबित हो रहे हैं। देश को संक्रमणमुक्त बनाने के लिए हम लगातार अपने प्रयासों से योगदान दे रहे हैं।  

Posted By: Vineet Sharan

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