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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रक्षा क्षेत्र में युवाओं को कुशल बनाने के लिए आईआईएस कानपुर की होगी स्थापना, एचएएल और डसॉल्ट ने एमओयू साइन किए

By Jagran NewsEdited By: Abhinav Atrey
Published: Thu, 09 Nov 2023 07:48 PM (IST)

युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए पहली बार मोदी सरकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स (IIS) बनाने जा ...और पढ़ें

संस्थान में मानव संसाधन तैयार करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे (फोटो एक्स)
संस्थान में मानव संसाधन तैयार करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे (फोटो एक्स)

HighLights

  1. मानव संसाधन तैयार करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे
  2. संस्थान के संचालन की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर संभालेगा
  3. प्रधानमंत्री मोदी की ओर से युवाओं को उपहार- प्रधान

 जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए पहली बार मोदी सरकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स (आईआईएस) बनाने जा रही है। यह संस्थान मुंबई, अहमदाबाद और कानपुर में बनाए जाने हैं। कानपुर में संस्थान की स्थापना और संचालन के लिए गुरुवार को राजधानी दिल्ली में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और डसॉल्ट एयरक्राफ्ट सर्विसेज इंडिया के साथ एमओयू किए।

आईआईटी के नेतृत्व में संचालित यह संस्थान न सिर्फ उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर, बल्कि देशभर को रक्षा क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा। शिक्षा के साथ युवाओं को उद्योगों या बाजार की जरूरत के अनुसार कुशल बनाने पर मोदी सरकार का जोर है। इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन आईआईएस शुरू करने की घोषणा की थी। इनमें कानपुर में आईआईएस शुरू करने के लिए गुरुवार को केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में मंत्रालय और तीनों संस्थानों के बीच एमओयू किए गए।

मानव संसाधन तैयार करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे

बताया गया कि इस तरह के संस्थान की स्थापना देश में पहली बार होने जा रही है, जिसमें सरकार, शिक्षण संस्थान, रक्षा क्षेत्र और उद्योग जगत की संयुक्त भागीदारी है। आईआईएस कानपुर में रक्षा क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए उद्योग की जरूरत के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। यह सर्टिफिकेट कोर्स होंगे।

संस्थान के संचालन की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर संभालेगा

संस्थान के संचालन की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर संभालेगा। एचएएल तकनीकी सहयोग के अलावा सीएसआर फंड से सीएनसी कार्यशाला स्थापित करेगा। इस आईआईएस भवन में आधारभूत ढांचे के रूप में 12 प्रयोगशालाएं, 12 कक्षाएं, बहुउद्देश्यीय कक्ष, खुला थिएटर, आउटडोर प्रशिक्षण क्षेत्र, कान्फ्रेंस हाल और कैफेटेरिया बनाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से युवाओं को उपहार- प्रधान

विमान संबंधी व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए डसाल्ट एयरक्राफ्ट सर्विसेज इंडिया द्वारा डसॉल्ट एविएशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि यह संस्थान हमारे देश के युवाओं और मानव शक्ति के लिए प्रधानमंत्री मोदी की ओर से उपहार है। यह यूपी डिफेंस कॉरिडोर से सृजित होने वाले अवसरों का लाभ उठाने के लिए युवाओं को तैयार करेगा।

इसके साथ ही एयरोस्पेस, विमानन और रक्षा क्षेत्र में युवाओं को स्किल, री-स्किल और अपस्किल कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। मंत्रालय के सचिव अतुल कुमार तिवारी ने इन तीन एमओयू को उत्तर प्रदेश के लिए काफी महत्वपूर्ण बताया।

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