विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'ओम बिरला ने मुझे चुप कराया', स्पीकर पर भड़के राहुल गांधी; कहा- संसद में बोलने नहीं दिया जाता

By Agency Edited By: Prince Gourh
Published: Wed, 26 Mar 2025 02:51 PM (IST)

संसद में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए ...और पढ़ें

कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)
कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सदन में नहीं बोलने देने पर भड़के राहुल गांधी
  2. ओम बिरला ने राहुल गांधी को दी नसीहत
  3. सदन की कार्यवाही क्यों की गई थी स्थगित?

एएनआई, नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वो जब भी सदन में कुछ भी बोलने के लिए खड़े होते हैं तो उनको बोलने नहीं दिया जाता है। उन्होंने ये बात तब कही, जब सदन में राहुल बोलने के लिए खड़े हुए थे और कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था।

राहुल ने क्या आरोप लगाया?

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में राहुल गांधी को नियमों का पालन करने की नसीहत दी थी। इस नसीहत पर राहुल गांधी कुछ बोलना चाहते थे इसलिए वो खड़े हुए थे, तभी सदन की कार्यवाही ही स्थगित कर दी गई।

सूत्रों के मुताबिक, सदन के अंदर राहुल गांधी अपनी बात नहीं बोल पाए थे। इसके बाद राहुल ने बाहर आकर मीडिया से बात की और कहा कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया।

इससे पहले ओम बिरला ने राहुल गांधी को सदन के आचरण और मर्यादा का पालन करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि ऐसी कुछ घटनाएं आई है जो कि सदन के लिहाज से ठीक नहीं थी, लिहाजा सदन की गरिमा का पलन करें।

क्या बोले थे ओम बिरला?

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था, "आप सभी से अपेक्षा की जाती है कि आप सदन में सदन की मर्यादा और शालीनता की उच्च मानदंडों को बनाए रखें। सदन में मेरे संज्ञान में ऐसी कई घटना है, यह सदस्य और उनके आचरण, सदन की उच्च परंपरा के अनुरूप नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा था, "इस सदन में पिता-पुत्री, मां-बेटी और पति-पत्नी सदस्य रहे हैं। इस परिपेक्ष में मेरी नेता प्रतिपक्ष से यह अपेक्षा है कि लोकसभा प्रक्रिया का 349 के तहत सदन में आचरण और व्यवहार करें।"

जज के घर पर नकदी मिलने के मामले में FIR की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार